जबलपुर में औसतन 15% तक बढ़ेगी कलेक्टर गाइडलाइन, रिंग रोड–बायपास क्षेत्रों में 50% तक बढ़ सकते हैं रेट
बिलहरी- तिलहरी, पनागर व टीएसपी अप्रूव कॉलोनीयों में भी होगी बंपर बढ़ोतरी

जबलपुर, यश भारत। जिले में जमीनों की रजिस्ट्री के लिए नई कलेक्टर गाइडलाइन 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस बार पूरे जिले में जमीनों के गाइडलाइन रेट में औसतन लगभग 15 प्रतिशत तक वृद्धि संभावित है। इस संबंध में अंतिम निर्णय मंगलवार को जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी शहर के उन क्षेत्रों में प्रस्तावित है, जहां तेजी से नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं और भूखंडों की खरीद-फरोख्त अधिक हो रही है। विशेष रूप से रिंग रोड और बायपास के आसपास के क्षेत्रों में जमीनों के गाइडलाइन रेट में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। कुछ स्थानों पर यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में टीएनसीपी की अनुमति लेकर कॉलोनियां विकसित की गई हैं और जहां भूखंड काटकर बिक्री का काम तेजी से हो रहा है, वहां व्यावसायिक गतिविधियों और मांग को देखते हुए गाइडलाइन रेट में ज्यादा बढ़ोतरी की तैयारी है।
वहीं शहर के पुराने और पहले से बसे हुए क्षेत्रों में गाइडलाइन रेट में बहुत अधिक वृद्धि की संभावना नहीं है। इन इलाकों में मामूली या नाममात्र की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
प्रशासन का मानना है कि बाजार में जमीनों की वास्तविक कीमत और गाइडलाइन रेट के बीच अंतर को कम करने के लिए इस बार दरों में समायोजन किया जा रहा है।
गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर हो रहीं रजिस्ट्रियां
सूत्रों के अनुसार जिले में होने वाली जमीनों की लगभग 54 प्रतिशत रजिस्ट्रियां कलेक्टर गाइडलाइन से अधिक कीमत पर हो रही हैं। बाजार दर और गाइडलाइन के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए इस बार दरों में औसतन वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ सकते हैं रेट
रिंग रोड से लगे क्षेत्र
बायपास क्षेत्र
पनागर रोड के आसपास
बिलहरी और तिलहरी क्षेत्र
टीएनसीपी अनुमति वाली नई कॉलोनियां
इन इलाकों में जमीनों की मांग और कॉलोनियों के तेजी से विकास के कारण कुछ स्थानों पर 50 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना बताई जा रही है।








