जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार के आश्वासन के बाद 16 मार्च तक काम पर लौटे 8 हजार जूडा

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार के आश्वासन के बाद 16 मार्च तक काम पर लौटे 8 हजार जूडा
भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आज से शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों (जूडा) की प्रदेशव्यापी कामबंद हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और हेल्थ कमिश्नर के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद जूडा पदाधिकारियों ने 16 मार्च तक आंदोलन टालने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा लंबित स्टाइपेंड और एरियर के जल्द भुगतान का भरोसा मिलने के बाद प्रदेश के 8 हजार से ज्यादा जूनियर डॉक्टर, रेजिडेंट्स और इंटर्न काम पर वापस लौट आए हैं।
संवाद का निकला रास्ता
सोमवार सुबह से ही प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर्स ने इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी कार्यों का बहिष्कार कर दिया था। इससे अस्पतालों की ओपीडी और रूटीन ऑपरेशंस पर असर पड़ने लगा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जूडा प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में डॉक्टरों की आर्थिक मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
16 मार्च तक का अल्टीमेटम
जूडा पदाधिकारियों के अनुसार, सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्टाइपेंड में वृद्धि और पुराने एरियर का भुगतान समय सीमा के भीतर कर दिया जाएगा। सरकार के इस रुख को देखते हुए जूडा ने 16 मार्च तक हड़ताल स्थगित की है। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में आदेश जारी नहीं हुए, तो वे दोबारा आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
मरीजों को मिली बड़ी राहत
हड़ताल खत्म होने की घोषणा के साथ ही भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं बहाल हो गई हैं। जूनियर डॉक्टरों की वापसी से सीनियर डॉक्टरों पर बढ़ा काम का दबाव कम हुआ है और दूर-दराज से आए मरीजों ने राहत की सांस ली है।







