मध्य प्रदेशराज्य

ऑपरेशन का डर खत्म: अब ‘ब्लॉक थेरेपी’ से पुराने दर्द का होगा जड़ से खात्मा,  रोजाना लगेगी ‘पेन क्लिनिक’ ओपीडी, बिना ऑपरेशन होगा इलाज

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सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर ने मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों को बड़ी राहत देते हुए अपने ‘पेन क्लिनिक’ की सेवाओं का विस्तार किया है। एनेस्थीसिया विभाग द्वारा संचालित यह विशेष क्लिनिक अब रोजाना ऑर्थोपेडिक्स ओपीडी के कक्ष क्रमांक-1 में संचालित होगा। शुक्रवार, 6 मार्च को विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सर्वेश जैन एवं डॉ. शशिबाला चौधरी ने भगवान धन्वन्तरि का पूजन कर इस नई व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया। अब मरीजों को पुराने और असहनीय दर्द के उपचार के लिए ऑपरेशन थिएटर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

विभागाध्यक्ष डॉ. सर्वेश जैन के अनुसार, यह क्लिनिक उन मरीजों के लिए आशा की किरण है जो तीन महीने या उससे अधिक पुराने दर्द से जूझ रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से साइटिका, गर्दन और कमर का पुराना दर्द, नसों का दर्द, कैंसर जनित असहनीय पीड़ा और जोड़ों के पुराने दर्द का विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उपचार किया जाएगा। बीएमसी की इस पहल से जिले के साथ-साथ संभाग भर के उन मरीजों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से दर्द निवारक दवाइयों के भरोसे जीवन काट रहे थे।

बिना चीरा-फाड़ी, सुई के ‘ब्लॉक’ से मिलेगा आराम

पेन क्लिनिक की सबसे बड़ी खूबी इसकी उपचार पद्धति है। यहाँ किसी बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती। विशेषज्ञ डॉक्टर दर्द वाले सटीक हिस्से पर विशेष सुई (इंजेक्शन) के माध्यम से ‘ब्लॉक’ देकर मरीज को तुरंत राहत पहुँचाते हैं। इस प्रक्रिया की खासियत यह है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती और वह उपचार के तत्काल बाद अपने घर जाकर दैनिक कार्यों को सामान्य रूप से कर सकता है। पहले दिन ही डॉ. दीपक गुप्ता ने एक साइटिका मरीज का सफल उपचार कर इस पद्धति की प्रभावशीलता को साबित किया।

मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को बताया कि पहले यह सेवा मेजर ओटी कॉम्प्लेक्स में संचालित होती थी, जहाँ पहुँचने में बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को काफी परेशानी होती थी। अब इसे भू-तल पर ओपीडी कक्ष क्रमांक-1 में शिफ्ट कर दिया गया है। मरीज रोजाना सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं।

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