
मुंबई,यशभारत। टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल आज 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 6:30 बजे किया जाएगा।
इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि जीतने वाली टीम टी20 विश्वकप के इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन जाएगी। दोनों टीमें अब तक तीन-तीन बार फाइनल खेल चुकी हैं। ऐसे में यह मैच रिकॉर्ड बनाने का भी मौका है।
इससे पहले खेले गए पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं।
फाइनल में सबसे ज्यादा पहुंचने वाली टीमें
टी20 विश्वकप इतिहास में भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका तीन-तीन बार फाइनल में पहुंच चुके हैं। न्यूजीलैंड दो बार (2021 और 2026) फाइनल में पहुंचा है, जबकि वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया भी दो-दो बार फाइनल खेल चुके हैं।
बल्लेबाजों के लिए अनुकूल है वानखेड़े
मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम दुनिया के हाई-स्कोरिंग मैदानों में गिना जाता है। वर्ष 1974 में स्थापित इस स्टेडियम में लगभग 32 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यहां पहला टेस्ट मैच 1975 में, पहला वनडे 1987 में और पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2012 में खेला गया था।
यह मैदान फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री के कारण बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे बड़े शॉट लगाना आसान हो जाता है। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबलों में इस मैदान पर अक्सर चौकों-छक्कों की बरसात देखने को मिलती है।
पिच पर रन बनने की संभावना
वानखेड़े की पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिल सकती है, लेकिन मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी आसान हो जाती है। लाल मिट्टी की पिच होने से गेंद में अच्छा उछाल मिलता है और छोटी बाउंड्री पावर-हिटर्स को मदद करती है। यही वजह है कि यहां 200 से अधिक का स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जाता। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक जैसे आक्रामक बल्लेबाज इस पिच पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। सूर्यकुमार के लिए यह होमग्राउंड भी है, जबकि हार्दिक पांड्या भी इस मैदान की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
टास का भी रहेगा असर
वानखेड़े स्टेडियम में अब तक खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली और लक्ष्य का पीछा करने वाली दोनों टीमों ने आठ-आठ मैच जीते हैं। हालांकि रात के मुकाबलों में ओस का असर देखने को मिलता है, इसलिए कई कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना पसंद करते हैं।
ऐसे में आज का सेमीफाइनल मुकाबला रणनीति, आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी के संतुलन पर निर्भर करेगा, जिसमें जीत हासिल करने वाली टीम फाइनल का टिकट कटाएगी।







