भोपालमध्य प्रदेश

एमपी विधानसभा: राजस्व रिकॉर्ड और किसानों के मुद्दे पर सदन में हंगामा, आदिवासियों पर फर्जी केस को लेकर पक्ष-विपक्ष एक सुर में

एमपी विधानसभा: राजस्व रिकॉर्ड और किसानों के मुद्दे पर सदन में हंगामा, आदिवासियों पर फर्जी केस को लेकर पक्ष-विपक्ष एक सुर में

भोपाल,यश भारत। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सदन की कार्यवाही गरमागरम रही। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपनी ही सरकार के विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। खाद संकट, राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी और आदिवासियों पर दर्ज हो रहे फर्जी मुकदमों के मुद्दे पर विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा।
सर्वर डाउन और खाद की किल्लत से किसान परेशान
किसानों के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने प्रदेश में धान खरीदी के दौरान सर्वर न चलने का मुद्दा उठाया, जिससे किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने यूरिया और डीएपी खाद की कीमतों में वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खाद संकट और बढ़ती कीमतों से किसानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर अजीब एकजुटता
सदन में उस समय दिलचस्प स्थिति बनी जब खातेगांव के भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने अपने क्षेत्र के फॉरेस्ट एरिया में किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमों का मामला उठाया। इस पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उनका समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है और उन पर फर्जी केस लादे जा रहे हैं।
सागर पाइपलाइन: इंदौर जैसा हादसा हो सकता है
प्रश्नकाल के दौरान सागर की पाइपलाइन का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने चेतावनी दी कि 395 किमी में से 46 किमी पाइपलाइन अत्यंत जर्जर है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि जर्जर पाइपलाइन को बदला जाएगा और अब से पानी व सीवर की लाइनें अलग-अलग डाली जाएंगी। उन्होंने सड़कों की खराब मरम्मत के लिए जिम्मेदार कंपनियों पर भी सख्ती के संकेत दिए।
आज इन मुद्दों पर भी हुआ ध्यानाकर्षण:
अतिथि विद्वान: नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा ने अतिथि विद्वानों को मानदेय न मिलने का मामला उठाया।
राजस्व सुधार: भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर और अमर सिंह यादव ने राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में हो रही देरी और रिकॉर्ड सुधार की समस्याओं को रखा।
सड़क दुर्घटनाएं: नागदा-खाचरोद विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह ने उज्जैन-जावरा रोड पर बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताई।
ई-व्हीकल नीति: जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने पीएम ई-ड्राइव नीति के क्रियान्वयन में लापरवाही का मुद्दा उठाया।
14 विभागों के बजट पर मंथन
आज सदन में कुल 14 विभागों के बजट पर चर्चा होनी है। इसमें सबसे अधिक समय (डेढ़ घंटा) संस्कृति, पर्यटन और धर्मस्व विभाग के लिए आवंटित किया गया है। ऊर्जा विभाग के लिए 1 घंटा और कृषि, महिला एवं बाल विकास व गृह (राजस्व) जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए 30-30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

 

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