पश्चिम मध्य रेल की पटरियों पर भी जल्द दौड़ेगा 15 करोड़ की कीमत वाला आधुनिक इंजन
वाराणसी में बन रहे लोकोमोटिव इंजन विदेशों में दिखाएंगे अपनी रफ्तार

जबलपुर यशभारत। उत्तर प्रदेश के बनारस में तैयार हो रहे आधुनिक लोकोमोटिव इंजन अब देश की सीमाओं को पार कर विदेशों में भी अपनी रफ्तार दिखाएंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक करीब 15 करोड़ रुपये कीमत वाले इन अत्याधुनिक इंजनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने लगी है जिससे भारतीय रेल उत्पादन क्षमता को नई पहचान मिल रही है।इसका बजन 128 टन है जबकि पहले 123 टन था। वहीं पुराने लोकोमोटिव इंजन का बजन 123 टन है
उल्लेखनीय है कि बनारस में (बरेका )में निर्मित इन इंजनों की तकनीक, ईंधन दक्षता और उच्च क्षमता के कारण विदेशी रेलवे कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है। वहीं इस लोकोमोटिव इंजन के संबंध में जानकारों की मानें तो यह जल्द ही पश्चिम मध्य रेल की पटरियों पर भी दौड़ने की तैयारी में है जिसकी डिमांड जल्द भेजी जाएगी। जैसे कि भारतीय रेलवे के अन्य जोनों दिखाई देने लगा है।
21 फरवरी को मोज़ाम्बिक के लिए हुआ रवाना
बता दें बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने एक बार फिर लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। बरेका द्वारा निर्मित स्वदेशी 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की दसवीं इकाई को 21 फरवरी 2026 को मोज़ाम्बिक के लिए सफलतापूर्वक रवाना किया गया। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि बरेका को मोज़ाम्बिक के लिए 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के कुल 10 इंजनों का निर्यात आदेश प्राप्त हुआ था।रेलवे सूत्रों के अनुसार निर्यात किए जाने वाले ये इंजन उच्च हॉर्सपावर क्षमता के साथ आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस हैं। इनमें ऊर्जा दक्ष प्रणाली, बेहतर ब्रेकिंग तकनीक और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
मेक इन इंडिया’ को नई मजबूती मिलेगी
प्रत्येक इंजन की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो बाजार में प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई मजबूती मिलेगी और भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। साथ ही, निर्यात बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
भारतीय रेल निर्माण क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय
बनारस में तैयार हो रहे इन इंजनों की विदेशों में सप्लाई शुरू होना न सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपलब्धि है बल्कि भारतीय रेल निर्माण क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।यह निर्यात वैश्विक मंच पर लोकोमोटिव निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है।
100 किलोमीटर प्रति घंटा के संचालन में है सक्षम
बरेका द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से संचालन में सक्षम हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चालक-अनुकूल सुविधाएँ जैसे रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर तथा आधुनिक केबिन डिजाइन उपलब्ध हैं, जो चालक सुविधा और परिचालन दक्षता को और अधिक बेहतर बनाते हैं।
श्रीलंका, म्यांमार व मोज़ाम्बिक जैसे देशों में कर चुका है निर्यात
स्वदेशी डिजाइन और उन्नत रेलवे प्रौद्योगिकी के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता के बल पर बरेका वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को सशक्त बना रहा है। वर्ष 2014 से अब तक बरेका श्रीलंका, म्यांमार और मोज़ाम्बिक जैसे देशों को लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है, जिससे उन देशों की रेलवे प्रणालियों के विकास में सहयोग मिला है।लोकोमोटिव निर्यात के क्षेत्र में बरेका की ये उपलब्धियाँ भारत की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा वैश्विक रेलवे उपकरण बाजार में उसके निरंतर विस्तारित होते प्रभाव को प्रतिबिंबित करती हैं।







