आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का हल्ला-बोल का ऐलान

आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का हल्ला-बोल का ऐलान
– 23-24 फरवरी को सामूहिक अवकाश की चेतावनी
भोपाल, यश भारत । मध्य प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी 18 फरवरी को कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 23 और 24 फरवरी को प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इन दोनों दिनों राजधानी भोपाल में बड़े स्तर पर हल्ला-बोल प्रदर्शन किया जाएगा। इससे सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा को प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ये हैं कर्मचारियों क़ी मांग
आउटसोर्स कर्मचारियों ने न्यूनतम 21 हजार रुपये मासिक वेतन, सेवा का नियमितीकरण या संविदा में समायोजन, बकाया एरियर का भुगतान, स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी तथा शासकीय अवकाश जैसी सुविधाएं देने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से महत्वपूर्ण सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कर्मचारियों में बढ़ता असंतोष
राज्य में चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियमित नियुक्तियां बंद होने और आउटसोर्स नियुक्तियों से जुड़े पूर्व आदेश निरस्त किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है। वर्ष 2023 में वित्त विभाग ने विभागों को आवश्यकता के आधार पर आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं लेने की अनुमति दी थी, लेकिन बजट संबंधी सीमाओं के कारण नई नियुक्तियां संभव नहीं हो सकीं। अब इस व्यवस्था को भी समाप्त कर दिए जाने से कर्मचारियों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।







