जीएमसी छात्रा मौत मामला: व्हाट्सएप पर मिले सुसाइड नोट ने उलझाई गुत्थी

जीएमसी छात्रा मौत मामला: व्हाट्सएप पर मिले सुसाइड नोट ने उलझाई गुत्थी
भोपाल, यशभारत। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी कलैश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में मृतका के मोबाइल से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसे रोशनी ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले कथित तौर पर खुद के ही व्हाट्सएप नंबर पर भेजा था। पुलिस अब इस डिजिटल नोट की प्रामाणिकता और टाइमिंग की गहराई से जांच कर रही है।
नोट में लिखा- नीट से भी ज्यादा टफ है एमबीबीएस की पढ़ाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने पर यह नोट मिला है। इसमें रोशनी ने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए पढ़ाई के भारी दबाव का जिक्र किया है। नोट में एक मर्मस्पर्शी बात लिखी गई है कि “नीट का एग्जाम मेडिकल की पढ़ाई से कम टफ है।” महज चार महीने पहले अक्टूबर में दाखिला लेने वाली छात्रा का इस तरह पढ़ाई के बोझ तले दबना, मेडिकल शिक्षा के मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस का फोकस: सुसाइड नोट असली या साजिश?
कोहेफिजा पुलिस ने मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लैब भेज दिया है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि:
क्या यह मैसेज रोशनी ने ही टाइप किया था?
क्या मैसेज भेजने के बाद इसे जानबूझकर डिलीट किया गया?
क्या मैसेज की टाइमिंग और मौत के समय में कोई विसंगति है?
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या रोशनी पर किसी तरह का कोई बाहरी दबाव, रैगिंग या अन्य मानसिक उत्पीड़न तो नहीं था।
10 फरवरी की वो खौफनाक घटना
बता दें कि आलीराजपुर की रहने वाली रोशनी का शव 10 फरवरी को कोहेफिजा स्थित एक निजी पीजी के बाथरूम में मिला था। दरवाजा तोड़कर जब उसे बाहर निकाला गया, तब वह अचेत थी और पास ही एसिड की खाली बोतल पड़ी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।







