भोपालमध्य प्रदेश

नाबालिग छात्रा से रेप मामले में बड़ा खुलासा; सीडीआर से पुष्टि- वारदात के वक्त साथ थे माज और ओसाफ

नाबालिग छात्रा से रेप मामले में बड़ा खुलासा; सीडीआर से पुष्टि- वारदात के वक्त साथ थे माज और ओसाफ

10 साल में होम ट्यूटर से करोड़पति कैसे बने आरोपी भाई? ड्रग तस्करी और ब्लैकमेलिंग का फैला जाल

भोपाल,यश भारत। राजधानी के चर्चित खानूगांव रेप कांड में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 11वीं कक्षा की नाबालिग हिंदू छात्रा के साथ थार जीप में हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी मोहम्मद माज खान और ओसाफ अली खान की संलिप्तता अब वैज्ञानिक साक्ष्यों से पुष्ट हो गई है। पुलिस को मिली कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से साफ हो गया है कि वारदात के समय दोनों आरोपी एक ही स्थान पर मौजूद थे।

10 हजार का इनामी माज रिमांड पर, उगले राज
पुलिस रिमांड पर चल रहे 365 जिम के संचालक माज खान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने वारदात की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। जब ओसाफ कार के अंदर छात्रा के साथ दरिंदगी कर रहा था, तब माज बाहर खड़ा होकर पहरा दे रहा था और खिड़की के कांच से छिपकर आईफोन से वीडियो बना रहा था। इसी वीडियो के दम पर छात्रा को ब्लैकमेल कर 40 हजार रुपये भी वसूले गए।

जांच के घेरे में अकूत संपत्ति और खाकी की भूमिका
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि महज 10 साल पहले मामूली होम ट्यूटर का काम करने वाला माज और उसका भाई मोनिस (जो ड्रग तस्करी के मामले में जमानत पर है) करोड़पति कैसे बन गए। माज की मदद करने और गोपनीय सूचनाएं लीक करने के आरोप में कोहेफिजा थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र दिवेदी को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि उसने आरोपी के साथ होटल में लंच किया और गिरफ्तारी टालने के लिए 50 हजार रुपये लिए। पुलिस ने अब तक थार समेत 3 लग्जरी कारें जब्त की हैं। इन्हीं कारों में अलग-अलग समय पर छात्रा के साथ ज्यादती की गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में 4 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। आरोपी माज लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है। उसका दावा है कि उसने अपराध में इस्तेमाल आईफोन राजस्थान (अजमेर) के जंगलों में तोड़कर फेंक दिया है। पुलिस मोबाइल बरामद करने की कोशिश कर रही है ताकि डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें।
आरोपियों पर पहले से ही पॉक्सो धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (लव जिहाद कानून) और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज था। अब कार से छुरा बरामद होने के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं।

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