
5 साल की बच्ची को सिकल सेल रोग से मिली नई ज़िंदगी, सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद स्वस्थ होकर घर लौटी
जबलपुर,यश भारत सिकल सेल डिज़ीज से पीड़ित 5 वर्षीय बच्ची को बोन मैरो ट्रांसप्लांट (HSCT) के ज़रिए नई ज़िंदगी मिली है। बच्ची पिछले दो वर्षों से हाइड्रॉक्सीयूरिया (HU) पर थी, इसके बावजूद उसे बार-बार गंभीर वेसो-ऑक्लूसिव क्राइसिस (VOC) का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते उसे कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इलाज के तहत बच्ची का मैच्ड सिब्लिंग डोनर (MSD) हेमाटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें उसकी 2 वर्षीय छोटी बहन डोनर बनी। पूरी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक पूरी हुई। ट्रांसप्लांट के दिन +26 पर बच्ची को स्थिर हालत में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

पूरी मेडिकल टीम के समन्वय से मिली सफलता
इस जटिल प्रक्रिया की सफलता के लिए अस्पताल प्रशासन और मेडिकल टीम के सहयोग की सराहना की जा रही है। इस उपलब्धि के लिए
माननीय डीन डॉ. नवनीत सक्सेना,
सुपरिटेंडेंट हॉस्पिटल डॉ. अरविंद शर्मा,
सुपरिटेंडेंट SCI डॉ. लक्ष्मी सिंगोटिया,
एचओडी पीडियाट्रिक्स डॉ. मोनिका लाज़रस,
और बीएमटी टीम के
डॉ. राजेश जैन, डॉ. राजेश महोबिया, डॉ. मीना सिंह, डॉ. नरेंद्र पटेल
का विशेष योगदान रहा।
इसके साथ ही रेज़िडेंट डॉक्टर
डॉ. पलाश, डॉ. काव्या, डॉ. चेस्टा, डॉ. ललिता,
बीएमटी यूनिट की सिस्टर-इन-चार्ज उमा सिस्टर,
तथा नर्सिंग स्टाफ और सभी सहयोगी कर्मचारियों की मेहनत को भी सराहा गया।







