न पुलिस का खौफ न नियमों की परवाह,दीनदयाल चौक पर अराजकता का राज़
हीं सुधर रही यातायात व्यवस्था, जाम से लोग बेहाल

जबलपुर यशभारत। शहर के व्यस्ततम दीनदयाल चौक पर यातायात व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है। जिम्मेदारों के तमाम दावों और प्रयासों के बावजूद हालात जस के तस हैं। चौराहे पर दिनभर बसें खड़ी कर सवारी बैठाने और उतारने का सिलसिला जारी रहता है जिससे कुछ ही मिनटों में जाम की स्थिति बन जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।
नियमों को रखते हैं ताक पर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस चालक नियमों को ताक पर रखकर चौराहे के बीचोंबीच वाहन खड़ा कर देते हैं। सवारी भरने की होड़ में बसें लंबे समय तक वहीं खड़ी रहती हैं जिससे चारों दिशाओं से आने वाला यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
समय पर नहीं पहुंचते गंतव्य
दीनदयाल चौक पर जाम के कारण स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और मरीज समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है। व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है जिससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
पुलिस के हटते ही स्थिति हो जाती है जस की तस
हालांकि यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन यह कार्रवाई स्थायी समाधान साबित नहीं हो पा रही है। कुछ देर के लिए पुलिस की मौजूदगी से स्थिति संभल जाती है लेकिन उनके हटते ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। लोगों का आरोप है कि बस स्टॉप निर्धारित होने के बावजूद बसें चौराहे पर ही खड़ी की जाती हैं और इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दीनदयाल चौक पर स्थायी यातायात व्यवस्था लागू की जाए। बसों के लिए अलग स्थान चिन्हित कर सख्ती से पालन कराया जाए साथ ही नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई हो।
आखिर कब मिलेगी इससे निजात
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप ले सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है और दीनदयाल चौक को जाम से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाता है।








