
पीक समय के दौरान मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में एक्सप्रेस ट्रेनों की एंट्री होगी बंद
मुंबई,यश भारत पीक अवर्स के दौरान उपनगरीय लोकल सेवाओं को सुचारु और समय पर चलाने के लिए मध्य रेलवे ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत अब लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को पीक टाइम में सीधे मुंबई उपनगरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन ट्रेनों को टिटवाला, आसनगांव जैसे स्टेशनों से पहले ही रोक दिया जाएगा।
मध्य रेलवे के कल्याण–ठाणे–सीएसएमटी जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सुबह के समय यात्रियों की संख्या बेहद ज्यादा होती है। ऑफिस टाइम में अगर लोकल ट्रेनें थोड़ी भी देर से चलती हैं, तो पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है और हालात और गंभीर हो जाते हैं।
उत्तर भारत से आने वाली कई लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का समय-सारिणी अक्सर उपनगरीय लोकल सेवाओं को प्रभावित करता है। सुरक्षा कारणों से जब ये एक्सप्रेस ट्रेनें उपनगरों से गुजरती हैं, तो लोकल ट्रेनों को सिग्नल पर रोकना पड़ता है, जिससे लोकल सेवाएं देरी का शिकार हो जाती हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर रोजाना काम पर जाने वाले नौकरीपेशा यात्रियों पर पड़ता है। लोकल ट्रेनों के देर से आने के कारण डिब्बों में भारी भीड़ हो जाती है और यात्रियों को जोखिम भरे हालात में सफर करना पड़ता है। कई बार लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट तक लेट हो जाती हैं, जिससे पूरा टाइमटेबल बिगड़ जाता है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मध्य रेलवे ने यह निर्णय लिया है कि पीक अवर्स में लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उपनगरीय मुंबई में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
■ सर्दी और कोहरे से होने वाली देरी पर भी नियंत्रण
आमतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों के सुबह 5 बजे से पहले मुंबई उपनगरों में पहुंचने की उम्मीद रहती है। लेकिन सर्दियों में उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण ये ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट हो जाती हैं और सीधे पीक अवर्स में मुंबई पहुंचती हैं, जिससे लोकल सेवाओं में भारी व्यवधान पैदा होता है।
मध्य रेलवे के इस फैसले से भले ही लंबी दूरी के यात्रियों को कुछ असुविधा हो, लेकिन रोजाना लाखों लोकल यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।







