
एनसीपी का हो सकता है पुनर्मिलन
मुंबई, यश भारत महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के पुनर्मिलन की तैयारी अंतिम चरण में थी। शरद पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी (एसपी) और दिवंगत अजीत पवार के नेतृत्व वाला गुट 8 फरवरी को एकता की औपचारिक घोषणा करने वाले थे। लेकिन अजीत पवार के असामयिक निधन से यह ऐतिहासिक क्षण फिलहाल टल गया। इसके बावजूद पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया अब भी ‘ऑन कोर्स’ है और बातचीत जारी रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, जिल्हा परिषद चुनावों के नतीजों के बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार बैठकें हुई थीं और भविष्य की साझा रणनीति पर सहमति बन चुकी थी। अजीत पवार इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा रहे थे और दोनों गुटों के बीच संवाद की मजबूत कड़ी थे। उनके अचानक चले जाने से पार्टी को गहरा आघात पहुंचा है, लेकिन एकता के प्रयास थमे नहीं हैं।
बुधवार देर रात बारामती में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने बदली राजनीतिक परिस्थितियों में आगे की दिशा पर चर्चा की। इस बैठक में यह सहमति बनी कि पुनर्मिलन की कोशिशें जारी रखी जाएंगी।
एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटील ने बताया कि हाल के हफ्तों में दोनों गुटों की कई अहम बैठकें हुई थीं। 16 जनवरी को उनके निवास पर और 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक साथ चुनाव लड़ने और भविष्य की रणनीति को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई थी। वहीं, शशिकांत शिंदे ने कहा कि अजीत पवार पहले ही संकेत दे चुके थे कि नगर निगम चुनावों के बाद दोनों गुट एकजुट होंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि एनसीपी का विलय होता है तो यह महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों को बदल सकता है। शरद पवार गुट के महायुति सरकार में शामिल होने की संभावनाएं भी इससे मजबूत होंगी। फिलहाल एकता की घोषणा भले टल गई हो, लेकिन एनसीपी में एकजुटता की उम्मीद अब भी कायम है।







