करोड़ों की नकदी और सोने के बाद अब सौरभ शर्मा का स्कूल भी अटैच

करोड़ों की नकदी और सोने के बाद अब सौरभ शर्मा का स्कूल भी अटैच
शाहपुरा स्थित 7.5 करोड़ का निर्माणाधीन स्कूल भवन जब्त, माँ और करीबियों को नोटिस
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बहुचर्चित इनोवा कांड के मुख्य सूत्रधार और आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई ने सौरभ के बेनामी साम्राज्य पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए राजधानी के पॉश इलाके शाहपुरा में स्थित एक निर्माणाधीन स्कूल भवन को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। करीब 7.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्कूल का असली मालिक जांच में सौरभ शर्मा को पाया गया है।
आयकर विभाग के अनुसार, यह स्कूल भवन राजमाता (भारतमाता) शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति के नाम पर पंजीकृत है। कागजों पर इस ट्रस्ट की कमान सौरभ की माँ उमा शर्मा, सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल के हाथों में थी। हालांकि, विभाग की गहन जांच में यह साफ हो गया है कि ट्रस्ट केवल एक मुखौटा (बेनामीदार) था, जबकि निर्माण में लगने वाला सारा पैसा और वास्तविक नियंत्रण पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का ही था।
पीबीपीटी एक्ट के तहत कार्रवाई
बीपीयू ने इस संपत्ति को बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम के तहत दोषी पाया है। विभाग ने धारा 24(3) के तहत भवन को अटैच करते हुए सौरभ शर्मा और तीनों ट्रस्टियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस स्कूल के लिए एक नामी नेशनल स्कूल चेन की फ्रेंचाइजी भी ली गई थी, जिसकी अब अलग से जांच की जा रही है।
क्या था इनोवा कांड?
इस पूरे मामले की जड़ें दिसंबर 2024 की उस काली रात से जुड़ी हैं, जब मेंडोरी गांव में एक लावारिस इनोवा कार मिली थी। उस कार ने तब प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था जब उसमें से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि वह गाड़ी चेतन सिंह गौर के नाम थी, लेकिन उसका सारा माल आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का था।
जांच के दायरे में कई और संपत्तियां आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। सौरभ शर्मा और उसके करीबियों के नाम पर दर्ज कई अन्य अचल संपत्तियों और संदिग्ध व्यवसायों की स्क्रूटनी की जा रही है। आने वाले दिनों में भोपाल और ग्वालियर सहित कई शहरों में बड़ी जब्ती की संभावना है।







