इंदौर की सड़कों पर कातिल हुई डोर: चंद घंटों में तीन लोगों के गले रेते, एक की हालत गंभीर

इंदौर की सड़कों पर कातिल हुई डोर: चंद घंटों में तीन लोगों के गले रेते, एक की हालत गंभीर
इंदौर, यशभारत। शहर में मकर संक्रांति से पहले ही प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने अपना खूनी खेल शुरू कर दिया है। बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में महज कुछ ही घंटों के भीतर तीन बाइक सवार इस जानलेवा डोर की चपेट में आ गए। हादसों में तीनों के गले बुरी तरह कट गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन के तमाम दावों और प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही इस डोर ने राहगीरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
केस 1: सड़क पर बहने लगा खून, राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
पहली घटना भंवरकुआं क्षेत्र के तीन इमली इलाके में हुई। चांदमारी ईंट भट्टा निवासी हेमराज पिता रविंद्र चौरसिया पेट्रोल पंप से ड्यूटी खत्म कर अपने रिश्तेदार के घर मांगलिया जा रहे थे। तभी अचानक गले में चाइनीज मांझा फंस गया। हेमराज जब तक संभल पाते, डोर ने उनके गले को गहरा जख्मी कर दिया और वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
केस 2: दूध बांटने निकले युवक को आए 8 टांके
दूसरी घटना जूनी इंदौर ब्रिज की है। तिल्लौर निवासी प्रेम भंडारी रोज की तरह बाइक से दूध बांटने निकले थे। ब्रिज चढ़ते समय अचानक उनके सामने मौत बनकर आई डोर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। प्रेम ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन मांझे ने उनके गले को रेत दिया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके गले पर 8 टांके लगाने पड़े।
केस 3: परदेशीपुरा में भी मांझे का कहर
तीसरी घटना परदेशीपुरा थाना क्षेत्र की है, जहां नंदानगर के रहने वाले महेश सोनी बाइक से गुजरते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। उनके गले में भी गंभीर चोट आई है, जिनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में जारी है।
प्रशासन सख्त, पर हकीकत बेअसर
कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने शहर में चाइनीज मांझे के भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध (धारा 144) लगा रखा है। हाल ही में कुछ दुकानों पर छापेमारी भी की गई थी, लेकिन बुधवार को हुए इन तीन हादसों ने साफ कर दिया है कि यह कातिल डोर अब भी चोरी-छिपे बाजारों में बिक रही है।







