
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 72 लाख का बड़ा फर्जीवाड़ा,
EOW ने दर्ज किया केस
पुरानी क्रेन की खरीद के नाम पर लिया गया लोन, बैंक अफसरों-निजी फर्म और लाभार्थी की मिलीभगत उजागर
भोपाल। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत दिए गए 72 लाख रुपये के बैंक लोन में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मंडीदीप शाखा से जुड़े इस मामले में लाभार्थी, निजी कंपनियों के संचालकों और तत्कालीन बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि पुरानी 120 टन क्रेन की खरीद के नाम पर लोन स्वीकृत कराया गया, जबकि कागजों में फर्जी लेन-देन दिखाकर सरकारी सब्सिडी और मार्जिन मनी का लाभ लिया गया। लोन की गारंटी मानी जा रही क्रेन पहले से ही अन्य बैंक में बंधक थी और बाद में उसे तीसरे फाइनेंसर के पास गिरवी रख दिया गया।
EOW की जांच में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी योजना के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए हैं। मामले में IPC की धारा 420, 409, 120-B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।







