रीवा। काले हिरण के शिकार मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को दबोच लिया है l पहले दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन तीसरा आरोपी करीब 2 महीने से वन विभाग को चकमा दे रहा थाl
आपको बता दें कि वन परिक्षेत्र रीवा के गुढ़ सर्किल अंतर्गत 24-25 अक्टूबर की रात काला हिरण का शिकार हुआ था। काले हिरण के शिकार में वन विभाग की टीम ने दो आरोपी का धरदबोचा था। तीसरा आरोपी फरार हो गया था। तीसरे आरोपी का नाम रामपाल यादव था। उसकी तलाश में पिछले दो महीने से वन विभाग की टीम खाक छांन रही थी। पुलिस विभाग के साइबर सेल की भी मदद ली जा रही थी। आरोपी की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही थी। इसमें वन विभाग की टीम की मदद साबइर सेल के वीरेन्द्र कुमार पटेल कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार आरोपी की तलाश में जुटी टीम को अंततः एक क्लू मिला। उसकी लोकेशन जिला रायसेन के मंडीदीप पर मिली। डीएफओ के निर्देशन पर रेंजर रीवा अंबुज नयन पाण्डेय ने आरोपी को पकडने के लिए एक टीम बनाई। इस टीम में गढ़ सर्किल के अखिलेश पटेल और नरेन्द्र पाण्डेय, चालक उमेश तिवारी को लोकेशन वाले क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। इसके बाद विशनखेड़ा टोल प्लाजा से करीब 1 किमी दूर सड़क किनारे खड़े ट्रक में रामपाल की लोकेशन मिली। जब टीम मौके पर पहुंची तो रामपाल ट्रक में बड़े आराम से सो रहा था। रीवा वन की टीम ने अब्दुल्लागंज वन मंडल टीम के साथ आरोपी रामपाल को धरदबोचा। उसे लेकर रीवा आई। न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया गया। आरोपी को पकडने में वन विभाग के एसडीओ हितेश खंडेलवाल का भी विशेष योगदान रहा। उन्होंने रायसेन और अब्दुल्लागंज वनमंडल से संपर्क किया। समन्वय स्थापित किए, तब आरोपी हाथ लग पाया।
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