आधार अपडेट कराने पढ़ाई छोड़ कतार में लगे बच्चे, बायोमेट्रिक आधार अपडेट की अनिवार्यता के बाद सेंटरों में उमड़ रही भीड़, सर्वर डाउन होने और बिजली गुल होने से परेशान हो रहे अभिभावक

कटनी, यशभारत। शासकीय और निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए बायोमेट्रिक आधार अपडेट को अनिवार्य कर दिए जाने के बाद शहर के आधार सेंटरों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि शहर में बनाए गए सभी सेंटरों में सुबह से ही लोग कडक़ड़ाती ठंड में अपने बच्चों को लेकर आधार अपडेट कराने के लिए पहुंचे रहे हैं, लेकिन समस्या इस बात की है कि सुबह से शााम तक लाइन लगाने के बाद भी बच्चों का आधार अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे मुख्च कारण सेंटरों की संख्या कम होना ओर सर्वर का डाउन होना है। जिसके चलते लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में आधार कार्ड सेंटरों की संख्या सीमित है। नतीजतन स्कूली बच्चों को पढ़ाई छोडक़र घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बच्चों को सुबह से शाम तक इंतजार के बाद भी अपडेट नहीं हो पाता और उन्हें अगले दिन फिर लाइन में लगना पड़ता है। इससे न केवल उनकी कक्षाएं छूट रही हैं, बल्कि पढ़ाई की निरंतरता भी प्रभावित हो रही है। आधार अपडेट की कतार में खड़े बच्चों ने यशभारत को अपनी परेशानी बताई। बच्चों का कहना है कि स्कूल छूट रहा है। होमवर्क और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। बार-बार चक्कर लगाने से मानसिक दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा एसआईआर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में शिक्षक बीएलओ के रूप में तैनात हैं। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। ऐसे समय में जब परीक्षाएं नजदीक हैं तो शासकीय स्कूलों के छात्रों की चिंता और बढ़ गई है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
एक घंटे तक बंद रही बिजली
सबसे ज्यादा भीड़ पोस्ट ऑफिस और साधूराम स्कूल में उमड़ रही है। यहां आधार बॉयोमैट्रिक अपडेट कराने छात्र-छात्राओं की भीड़ लगी हुई है। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से नौनिहाल यहां आ रहे हैं। बताया गया है कि गुरूवार को साधूराम स्कूल और टीसी बजान में एक घण्टे तक बिजली गुल रही। जिससे लोग परेशान हुए। लोगों का कहना था कि दो-तीन दिन से बच्चों को आना पड़ रहा है, क्योंकि भीड़ अधिक रहती है। सुबह से लाइन में खड़े बच्चे थक जाते हैं। काम जल्दी हो जाए तो वो अपने घर वापिस लौट सकते हैं, वरना फिर आना पड़ेगा।
कलेक्टर ने कहा
इस मामले को लेकर जब मीडिया कलेक्टर आशीष तिवारी से बात की तो उनका कहना था कि जिले में आधार मशीनों की संख्या सीमित है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध मशीनों से कैंप लगाकर आधार अपडेट का काम कराया जा रहा है, ताकि बच्चों की अपार आईडी समय पर तैयार की जा सके।







