दमोह नाका बनेगा लोकतंत्र की खुली अदालत, ब्राह्मण महासभा और विप्रा शक्ति, आईएएस वर्मा को प्रतीकात्मक फांसी देंगी

जबलपुर। मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महासभा और इसकी नारी इकाई ‘विप्रा शक्ति’ दमोह नाका चौक को एक ऐतिहासिक व सार्वजनिक अदालत में बदलने जा रही है। नारी की अस्मिता को ठेस पहुँचाने वाले कथित अभद्र और अपमानजनक वक्तव्य के विरोध में आईएएस वर्मा की विकृत मानसिकता के प्रतीकात्मक पुतले को फांसी दी जाएगी। यह आयोजन सरकार की कथित निष्क्रियता और अधिकारी पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज न करने के विरोध में किया जा रहा है।महासभा का कहना है कि यह विरोध मात्र एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना का पुनर्जागरण है। दमोह नाका चौक पर खुली अदालत का नाटकीय मंचन होगा, जहां जनता नैतिक न्यायाधीश की भूमिका में होगी और लोकतंत्र का जल्लाद—यानी जनता का नैतिक साहस—पुतले को फांसी देगा। महासभा का स्पष्ट आरोप है कि शासन और प्रशासन की चुप्पी, नारी सम्मान पर कुठाराघात को बढ़ावा दे रही है।
महासभा ने कहा—
“यह पुतला मिट्टी और भूसे का नहीं, बल्कि उस ढांचे का प्रतीक है जो अपराध कर भी दंड से बच जाता है। यह उस मानसिकता का प्रतीक है, जो स्त्री को अपमानित कर वर्षों से समाज में जड़ें जमाए बैठी है। यह फांसी, हर उस नागरिक की चीत्कार है, जिसकी आवाज सत्ता तक पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देती है।”
संस्था ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब कानून सो जाए और प्रशासन मौन हो जाए, तब लोकतंत्र का अंतिम प्रहरी—जनता—जागृत होती है। यह आंदोलन सरकार के लिए अंतिम अल्टीमेटम है। यदि तुरंत कठोर आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई, तो आज का यह प्रतीकात्मक दंड कल बड़ी जनचेतना का रूप ले सकता है।
अग्रिम मोर्चे पर रहेंगे ये चेहरे
इस प्रतीकात्मक आंदोलन का नेतृत्व असीम त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी (उपाध्यक्ष हाई कोर्ट बार एसोसिएशन), शशांक शुक्ल, प्रशांत तिवारी, विनीत टेहेनगुरिया, वरुण शुक्ला, पंकज तिवारी, नीलेश शास्त्री, आनंद शुक्ला, वैभव पाठक, आशीष कुमार तिवारी और विकास तिवारी करेंगे।
विप्रा शक्ति की नारी शक्ति—शक्ति त्रिवेदी, नीति अवस्थी, नीतू तिवारी और वंशिका टेहेनगुरिया—यह संदेश देंगी कि नारी का सम्मान किसी पद, विचार, दल या सत्ता से ऊपर है। महासभा ने दो टूक कहा है कि आईएएस वर्मा पर तत्काल गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए और जब तक न्याय पूर्ण नहीं होता, आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।






