भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका, रानीताल क्षेत्र में लगा भीषण जाम

जबलपुर। संविधान की प्रति सौंपने की घोषणा के बाद भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय के आसपास सुरक्षा घेरा इतना कड़ा रहा कि पूरे क्षेत्र में यातायात ठप्प हो गया। लगभग एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मार्ग पर बैरिकेडिंग, दोनों ओर से रास्ता बंद
कांग्रेस ने बुधवार को भाजपा नगर अध्यक्ष को संविधान की किताब देने और विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके पहले ही पुलिस ने एहतियातन भाजपा कार्यालय जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेड्स लगा दिए। रानीताल की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेसी अलग-अलग स्थानों पर इकट्ठे होते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। किसी भी स्तर पर कांग्रेस नेताओं को कार्यालय परिसर तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई।
जाम में फंसे स्कूली बच्चे, कर्मचारी और आम नागरिक

मार्ग अवरुद्ध होने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा, जो रोजमर्रा के काम से उसी रास्ते से गुजरते हैं। स्कूलों से लौटते बच्चों के वाहन फंस गए, कोचिंग सेंटर और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी जाम में अटक गए, वैकल्पिक मार्गों की ओर मुड़ने वाले वाहन गलियों में जा घुसे, जहां पहले से ही ट्रैफिक भरा था, लगभग एक घंटे तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा। कुछ वाहन चालक दूर तक पैदल निकलकर रास्ता तलाशते रहे, जबकि दोपहिया चालकों को तंग गलियों में दुर्घटना का जोखिम उठाना पड़ा।
कांग्रेस का आरोप – पुलिस ने भाजपा के दबाव में रोका
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी शांतिपूर्ण पहल को रोककर पुलिस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। उनका कहना था कि वे किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं बल्कि प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप संविधान की प्रति सौंपने जा रहे थे, फिर भी पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस की सफाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था और टकराव से बचने के लिए यह कदम उठाया गया। संवेदनशील स्थिति और संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने आवाजाही सीमित की। कांग्रेसियों को भाजपा कार्यालय पहुंचने से रोकने के पुलिस निर्णय ने रानीताल और आसपास के इलाकों में आम लोगों को भारी परेशानी में डाल दिया। शाम का व्यस्त समय होने के कारण स्कूल, कोचिंग और कार्यालय जाने-आने वालों पर इसका सीधा असर पड़ा। यातायात बहाल होने में लंबा समय लगा।







