स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों की जेब पर डाका!
पंचुअलिटी ठप, फिर भी रेलवे कर रहा “सुविधा” का दावा

स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों की जेब पर डाका!
पंचुअलिटी ठप, फिर भी रेलवे कर रहा “सुविधा” का दावा
जबलपुर यशभारत रेलवे की ओर से त्योहारी सीजन में चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों जीरो लगाकर यात्रियों की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। इन ट्रेनों में सामान्य किराए से कहीं अधिक वसूला जा रहा है, जबकि सुविधाएं वही पुरानी और परेशान करने वाली हैं। खास बात यह कि अधिकांश स्पेशल ट्रेनें समय पर नहीं चल रहीं घंटों की देरी अब आम बात बन चुकी है।
स्पेशल का लगाया टैग
यात्रियों का कहना है कि जब रेलवे “स्पेशल” का टैग लगाकर किराया बढ़ा रहा है, तो उसे यात्रा अनुभव भी बेहतर करना चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि ट्रेनें लेट चल रही हैं, पैंट्री कारों की व्यवस्था अव्यवस्थित है और कोचों की साफ-सफाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ यात्रियों ने तो यहां तक कहा कि नाम स्पेशल है, लेकिन हालत जनरल ट्रेन जैसी।
यात्रियों पर पड़ रही दोहरी मार
उधर, रेलवे अधिकारी दावा कर रहे हैं कि यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन यात्रियों को न तो समय की पाबंदी मिल रही है, न सीट की राहत। महंगे किराए और बदहाल यात्रा ने उन्हें दोहरी मार दी है।
बढ़ा दी जाती है अवधि
जबलपुर से जो स्पेशल बनाकर विगत करीब 3 साल से चलाई जा रहे हैं जिनकी अवधि हर 6 महीने बाद रेलवे द्वारा बढ़ा दी जाती है। वहीं रेलवे सूत्रों की माने तो पश्चिम मध्य रेल से करीब 20 से 25 ट्रेन जीरो यानी स्पेशल बनाकर चलाई जा रही हैं।
समयपालन का देना चाहिए ध्यान
यात्रियों का कहना है कि यदि रेलवे को वास्तव में सुविधा देनी है, तो समयपालन और सेवा की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, न कि महंगे टिकटों के नाम पर जेब काटनी चाहिए। त्योहार के सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और देरी के बीच रेलवे प्रशासन के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।
….फैक्ट फाइल…
जबलपुर रेल मंडल से यह गाड़ियां 0 का टैग लगाकर चल रहीं स्पेशल बनकर
-02132.जबलपुर -पुणे
-02198.जबलपुर- कोयंबटूर
-02134.जबलपुर-बांद्रा
-01665.रानीकमलापति -अगरतला
-02187.रीवा- मुम्बई
इन सभी गाड़ियों में यात्रियों से सामान्य गाड़ी की अपेक्षा अधिक किराया वसूला जाता है।







