भोपालमध्य प्रदेश

रन फॉर साइबर अवेयरनेस का हुआ शुभारंभ

रन फॉर साइबर अवेयरनेस का हुआ शुभारंभ
– मुख्यमंत्री ने रैली को दिखाई हरी झंडी
भोपाल यशभारत। राज्य में साइबर अपराधों के बढ़ते दायरे और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल में आयोजित न फॉर साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रैली को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से रैली निकाली गई। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, साइबर विशेषज्ञों, एनएसएस के युवा स्वयंसेवकों, स्कूली छात्रों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों से सचेत करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट हर हाथ में है, ऐसे में साइबर ठग भी अपनी रणनीतियां बदलते रहते हैं। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन को सुरक्षा देने के लिए नई तकनीक आधारित प्रयास कर रही है और साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
रन के दौरान पुलिस विभाग की ओर से विभिन्न बिंदुओं पर साइबर सुरक्षा के पोस्टर, स्लोगन और जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए गए। प्रतिभागियों को ऑनलाइन फ्रॉड, ह्रञ्जक्क शेयरिंग, फेक लिंक, लोन ऐप ठगी, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा, सोशल मीडिया पासवर्ड मैनेजमेंट और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रूक्क पुलिस साइबर सेल द्वारा अब तक हजारों पीडि़तों की करोड़ों रुपए की रकम रिकवर कर उन्हें वापस दिलाई जा चुकी है, लेकिन समय पर शिकायत और सतर्कता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इस तरह के जन-जागरण अभियान से आम लोग संवेदनशील होते हैं और साइबर ठगों की नई तरकीबों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। कार्यक्रम में महिला प्रतिभागियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने थिंक बिफोर क्लिक, डोंट शेयर और रिपोर्ट टु 1930 जैसे संदेशों के माध्यम से व्यवहारिक सावधानियां समझाईं।
आयोजन के समापन पर प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की बुकलेट और हेल्पलाइन की जानकारी भी वितरित की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया किया जिलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम श्रृंखलाबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम में समाज की सक्रिय भागीदारी हो सके।

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