यूजर्स की ऑनलाइन प्रोफ़ाइल बनी ठगों के लिए हथियार
यूजर्स की ऑनलाइन प्रोफ़ाइल बनी ठगों के लिए हथियार
– लोगों के दिमाग तक पहुंचने का बनाया नक्शा
आशीष दीक्षित, भोपाल। ऑन लाइन एप के उपयोग के पहले यूजर्स की बनने वाली ऑनलाइन प्रोफाइल ठगों किए सबसे आसान हथियार बनी है। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
किसी भी ऐप का उपयोग करने के पहले यूजर्स को ऑनलाइन जानकारी भरनी होती है। साइबर अपराधी इस जानकारी को आसानी से हासिल कर लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश साइबर पुलिस ने लोगों को डिजिटल ठगी, पहचान चोरी और निजी गोपनीयता के खतरे से आगाह किया है। जागरूकता अभियान को प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का मुख्य संदेश आपकी प्रोफाइल ही ठगों के लिए नक्शा बन जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया खातों पर डाली गई जानकारी अपराधियों को आपके बारे में बहुत कुछ बता देती है। नाम, घर का पता, जन्मतिथि, फोटो, घूमने फिरने की जगहें, या लाइक और टिप्पणी जैसी सामान्य लगने वाली जानकारियां भी छल और धोखे का माध्यम बन सकती हैं।
ऐसे बढ़ाएं अपनी डिजिटल सुरक्षा
– सोशल मीडिया खाते में आवश्यक से अधिक निजी जानकारी साझा न करें।
– गोपनीयता (प्राइवेसी) संबंधी सुरक्षा विकल्पों को मजबूत करें।
– अनजान लिंक, संदेश या कॉल पर विश्वास न करें।
– किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
– किसी भी ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल
5 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें
प्रदेश में बढ़ती ऑनलाइन ठगी के मामले
राज्य में पिछले कुछ महीनों में निवेश का लालच देकर धन हड़पना, मोबाइल के माध्यम से ओटीपी पूछकर बैंक खाता खाली करना, केवाईसी अद्यतन के नाम पर छल करना जैसे अपराधों में वृद्धि दर्ज की गई है। जांच में यह सामने आया है कि ठग पहले व्यक्ति की ऑनलाइन उपस्थिति (प्रोफ़ाइल) का अध्ययन करते हैं और उसके बाद उसी हिसाब से जाल बिछाते हैं।
क्यों ज़रूरी है डिजिटल सावधानी?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में शिक्षा, बैंकिंग, खरीद-बिक्री और दस्तावेज़ों का उपयोग और भी अधिक डिजिटल होने वाला है। ऐसे में यदि लोग अपनी निजी पहचान व जानकारी अनजाने में सार्वजनिक करते रहेंगे तो ठगों के लिए निशाना बनाना आसान होगा।
पुलिस ने की नागरिकों से अपील
मध्यप्रदेश साइबर पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी डिजिटल पहचान की सुरक्षा को उतना ही महत्व दें जितना अपनी भौतिक सुरक्षा को देते हैं। यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या शंका दिखाई दे तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयास
साइबर अपराधों से लोगों को बचाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोग सतर्क रहें ताकि किसी भी तरह की ठगी से बच सकें।
– हरिनारायणचारी मिश्र, कमिश्रर, भोपाल






