भोपालमध्य प्रदेश

बजरिया क्षेत्र में मेट्रो की सुस्त रफ्तार ने बढ़ाई लोगों की परेशानी 

रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी लगाना पड़ रहा लंबा फेर 

बजरिया क्षेत्र में मेट्रो की सुस्त रफ्तार ने बढ़ाई लोगों की परेशानी 

– रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी लगाना पड़ रहा लंबा फेर 

भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल में चल रहा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट शहर के विकास की दिशा में बड़ा कमद माना जा रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशन के पास बजरिया क्षेत्र में इस परिजायोजना की रफ्तार धीमी पडऩ से लेगों आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, हालत यह है कि रोजाना ही लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। इतना ही नहीं भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर आने वाले लोगों को कई किमी का लंबा फेर भी लगाना पड़ रहा है। मेट्रो का सपना अधिूरा है और इस अधूरेपन की कीमत आम जनता को धूल, जाम और परेशानी के रूप में चुकानी पड़ रही है।
मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और लोगों को तेज, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। मेट्रो के पहले चरण में एम्स से करोंद तक का ३१ किमी लंबा कॉरिडोर बनाया जा रहा है, इसमें कई प्रमुख स्टेशन जैसे हबीबगंज, पुल बोगदा, रेलवे स्टेशन और बजरिया शामिल है। रेलवे स्टेशन के पास बजरिया क्षेत्र में काम की गति धीमी है। सडक़ें खोद दी गई हैं, मलबा जगह-जगह बिबखरा हुआ है। वाहन चालकों को निकलने के लिए भी जगह नहीं बच रही है। रोजाना जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। सबह शाम के समय रेलवे स्टेशन जाने वाले लोग कई घंटे तक जाम में फंस जाते हैं।

त्योहारी सीजन में बढ़ी व्यापारियों की चिंता  
त्योहारी सीजन में व्यापारियों की चिंता बढ़ी है, दरअसल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कारण लोग दुकानों तक नहीं पहुंच पाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के आला अधिकारी कई बार इलाके का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों को समस्याओं से अवगत भी कराया गया है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बजरिया क्षेत्र में सैकड़ों छोटी-बड़ी दुकानें हैं। मेट्रो निर्माण के कारण ग्राहकों की आवाजाही घट गई है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती थी, अब दुकानें खाली नजर आती हैं। धूल और मलबे के कारण लोग यहां रुकने से कतराने लगे हैं।

लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर  
धूल और मिट्टी उडऩे से स्थानीय लोगों को सांस और आंखों से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं। कई लोगों ने बताया कि आसपास सफाई की व्यवस्था नहीं है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो गया है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अधिकारियों का दावा जल्द होगा सुधार
मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बारिश और तकनीकी कारणों से काम में कुछ देरी हुई है। अब काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि अगले कुछ महीनों में बजरिया क्षेत्र का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा और यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा।

लोगों की उम्मीदें बरकरार
भले ही फिलहाल जनता परेशान है, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भोपाल का यातायात सुधरेगा और शहर में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होगी। नागरिकों का कहना है कि अगर काम समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा हो जाए तो यह परियोजना शहर की पहचान बन सकती है। फिलहाल, बजरिया क्षेत्र के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मेट्रो का सफर जल्द शुरू हो और उन्हें धूल और जाम से राहत मिले।

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