कैमोर में प्रदेश के सबसे बड़े रावण के पुतले का दहन, आतिशबाजी के बीच उत्सवी नजारा देखने हजारों लोग रहे मौजूद

कटनी, यशभारत। उद्योगनगरी कैमोर के एसीसी रामलीला मैदान में प्रदेश के सबसे विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। दशहरा समारोह में मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी जलाए गए। इस मौके पर हजारों की भीड़ मैदान में उमड़ी और गगनभेदी आतिशबाजी ने उत्सव को और भी खास बना दिया।
रावण दहन से पहले रामलीला मंच पर भगवान राम और रावण महाराज का विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर एसीसी कैमोर के चीफ प्लांट हैड अतुल दत्ता, नगर परिषद की अध्यक्ष पलक नामित ग्रोवर ने उपस्थित जनसमूह को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस बार भी रामलीला मंच से एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक तीर छोड़ा गया, जो धीरे-धीरे रावण की ओर बढ़ता गया। जैसे-जैसे तीर आगे बढ़ा, मैदान में मौजूद हजारों लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। और जैसे ही तीर ने रावण की नाभि को भेदा, विशाल पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दृश्य के साथ ही आतिशबाजी का धमाकेदार प्रदर्शन हुआ और पूरा वातावरण जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
कैमोर के जलसे में हजारों लोगों की भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और एसीसी कैमोर की सुरक्षा टीम ने पूरी तैयारी की। मैदान में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। रावण पुतले के चारों ओर जालीदार फेसिंग की व्यवस्था की गई। भीड़ की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई। एसीसी के सुरक्षा विभाग और इंटक अध्यक्ष अनिल मौर्य की टीम भी सुरक्षा प्रबंधन में सक्रिय रही। एसीसी रामलीला मैदान में केवल कैमोर ही नहीं बल्कि कटनी और आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी इस ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए उत्साहित नजर आए। लोगों ने मोबाइल और कैमरों में रावण दहन के इस दृश्य को कैद किया। हजारों की भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और लोगों का उत्साह इस आयोजन की भव्यता को दर्शाता है। यह पर्व आने वाली पीढ़ियों को यही संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है और सत्य की हमेशा विजय होती है।









