ढाई इंच से ज्यादा बारिश से तरबतर हुआ शहर,छिन्न भिन्न हुई व्यवस्थाएं
अभी भी खत्म नहीं हुए वर्षा के आसार

जबलपुर यश भारत। मानसून के मामले में भली मौसम विज्ञान वर्षाकाल 30 सितंबर तक मानता हो लेकिन पिछले दो दिनों से जिस तरह बारिश हुई है उससे तो नहीं लगता कि मानसून अभी विदा हो गया है। हालांकि मौसम विभाग ने अधिकृत तौर पर प्रदेश के कई जिलों से मानसून की विदाई की अधिकृत जानकारी भी जारी कर दी है लेकिन वही इसके विपरीत कई जिले और संभाग ऐसे हैं जहां अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि सिर्फ जबलपुर की बात की जाए तो यहां पर एक और दो अक्टूबर के बीच ही 3 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है और बीती रात से गुरुवार की सुबह तक बारिश का यह आंकड़ा ढाई इंच के आसपास रहा। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
यदि पिछले तीन दिनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 30 सितंबर यानी की मौसम विज्ञान के अनुसार मानसून की विदाई वाले दिन शाम 5:30 बजे तक बारिश का आंकड़ा 1180 मिलीमीटर पर था जो रात 11:30 बजे 1185 मिमी. पर पहुंच गया और उसके बाद भी बारिश दर्ज हुई। बुधवार 1 अक्टूबर की सुबह तक 24 घंटे में मात्र 14.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जबकि रात 9:30 बजे के बाद हुई झमाझम बारिश में ने पूरी व्यवस्थाओं को अस्त व्यस्त कर डाला। और दो अक्टूबर वर्षा का आंकड़ा बढ़कर दो दिनों में ही 81 मिली मीटर को पार कर गया जो 3 इंच से ज्यादा है।
रात 9:30 बजे और उसके बाद हुई बारिश के कारण नवरात्रि की नवमी पर व्यवस्थाओं पर भी विपरीत असर पड़ा और सड़क पर निकले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा इसके अलावा दुर्गा समितियां के द्वारा भी भंडारा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए थे जिन पर भी बारिश का असर दिखाई दिया। इसके बाद भी जबलपुर सहित प्रदेश में तीन-चार अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर-जबलपुर समेत पांच संभाग में इसका असर देखने को मिलेगा। यानी मानसून की विदाई से पहले एमपी एक बार फिर तरबतर होगा।







