भोपाल

सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को लेकर हुई शिकायत पर जांच शुरू – 57 खसरों का रिकार्ड खंगाल रहे राजस्व अधिकारी, तहसीलदार को दिया जांच का जिम्मा

सरकारी जमीन पर हुए कब्जों को लेकर हुई शिकायत पर जांच शुरू
– 57 खसरों का रिकार्ड खंगाल रहे राजस्व अधिकारी, तहसीलदार को दिया जांच का जिम्मा
भोपाल यशभारत। राजधानी में अवैध कॉलोनियों और मछली परिवार के कनेक्शन से जुड़े मामलों की पड़ताल अब एक और कॉलोनी तक पहुंच गई है। कान्हासैया और अनंतपुरा इलाके में विकसित कॉलोनी को लेकर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यहां करीब 57 खसरों की जांच की जा रही है, जिसके लिए तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी मिलकर 1959 तक के पुराने राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। यानी करीब 66 साल पुराने दस्तावेजों को आधार बनाकर यह जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
शिकायत में कहा गया कि कॉलोनी सरकारी जमीन पर बसाई गई है और इसमें मछली कनेक्शन का भी संदेह है। यही नहीं, कॉलोनी में प्लॉट बिक्री एक ही समुदाय विशेष को किए जाने की बात भी सामने आई है। एसडीएम सोनकिया ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की पड़ताल कर विस्तृत रिपोर्ट 10 दिन में मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कॉलोनी डैम से सटे खसरा नंबर 31 से 47 तक फैली हुई है। यह जमीन मूल रूप से सिंचाई विभाग के अंतर्गत दर्ज थी और राजस्व अभिलेखों में वर्ष 1959 से सरकारी खसरे के रूप में मौजूद है। बावजूद इसके, इस जमीन पर कॉलोनी विकसित कर दी गई। बताया जा रहा है कि कॉलोनी करीब 18 एकड़ क्षेत्रफल में फैली है और यहां 170 से ज्यादा प्लॉट बेचे जा चुके हैं।
कॉलोनी में सडक़ निर्माण किया गया
कॉलोनी में सडक़ों का निर्माण भी किया गया है। सीसी रोड तक डल चुकी है और कई घर भी खड़े हो चुके हैं। इससे साफ है कि कॉलोनी डेवलपर ने पूरी योजना को बाकायदा बसाने की कोशिश की थी। अब जब मामला उजागर हुआ है, तो प्रशासनिक स्तर पर इस पर गंभीरता से जांच शुरू की गई है। मछली कनेक्शन को लेकर इस कॉलोनी की जांच इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले भोपाल की कई कॉलोनियों में इसी तरह के तार जुडऩे की आशंका जताई जा चुकी है।
कान्हासैया गांव के इन खसरों की जांच की जा रही
खसरा नंबर- 111, 445, 512, 593/3, 596, 690/1, 691, 692, 696, 679/1, 698 और वर्तमान के खसरे नंबर-728, 864, 569, 582, 535, 530, 190 की साल 1959 से लेकर वर्तमान तक की स्थिति की जांच की मांग की गई है।
अनंतपुरा के खसरा नंबर- 79, 92, 93, 94, 95, 96, 97, 101 और 102। ये खसरे साल 1959 में शासकीय भूमि में दर्ज होना सामने आया है।
अनंतपुरा में ही खसरा नंबर- 31, 36, 37, 38, 39, 40, 41, 42, 43, 44, 45, 46, 47, 58, 98, 99, 100, 103, 104, 105 और पूर्व के खसरे नंबर-635/498, 533, 534, 535, 536, 537/2/2, 537/2/1, 537/1, 639/539, 639/539/2
शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है
सरकारी जमीन पर हुए कब्जे को एक लेकर एक और शिकायत प्राप्त हुई है। तहसीलदार को खसरों की जांच का जिम्मा दिया गया है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन पर कब्जा सामने आता है तो संबंधितों को नोटिस जारी किए जाएंगे। दस दिन का समय जवाब के लिए दिया जाएगा।
– विनोद सोनकिया, एसडीएम, हुजूर

 

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