ईओडब्ल्यू ने किया फर्जी मुख्तारनामा से भूमि धोखाधड़ी का पर्दाफाश

यश भारत भोपाल: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। इस मामले में, आरोपियों ने फर्जी मुख्तारनामा (Power of Attorney) तैयार कर एक वास्तविक भूस्वामी की जमीन धोखे से बेच दी।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता पी.एम.के. भारद्वाज की शिकायत पर की गई जांच में यह सामने आया कि भोपाल के ग्राम बरखेड़ी कलां में स्थित 0.134 हेक्टेयर (लगभग 0.33 एकड़) भूमि की असली मालिक मेवल रेबेलो हैं, जो गोवा में रहती हैं।
फर्जी मुख्तारनामा: आरोपी राहुल शर्मा ने मेवल रेबेलो के नाम से एक जाली मुख्तारनामा बनवाया। जांच में पता चला कि इस दस्तावेज का पंजीकरण नंबर, जो रजिस्टर में दर्ज था, किसी और व्यक्ति के मुख्तारनामा से मेल खाता था।
फर्जीवाड़ा कर जमीन बेची: इस जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर राहुल शर्मा ने 12 दिसंबर 2024 को यह जमीन आरोपी नीरज पटेल को बेच दी।
फर्जी भुगतान: विक्रय पत्र में 71,72,000 रुपये का भुगतान दिखाया गया, लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में यह खुलासा हुआ कि कुल भुगतान सिर्फ 8,22,000 रुपये ही हुआ था और अधिकांश चेक बाउंस हो गए थे।
आरोपियों पर केस दर्ज
आरोपियों राहुल शर्मा और नीरज पटेल ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। उन्होंने जाली मुख्तारनामा का उपयोग कर जमीन का विक्रय पत्र पंजीकृत कराया और यहां तक कि उसका नामांतरण भी करा लिया।
ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 318, 336, 338, 340 और 61 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।







