
जबलपुर, यश भारत। आज रात को आकाश में खग्रास चंद्रग्रहण का दुर्लभ नजारा दिखाई देगा। यह ग्रहण कुल 3 घंटे 29 मिनट का होगा। खगोलीय गणना के अनुसार ग्रहण का स्पर्श रात 9:57 बजे होगा, ग्रहण 11:01 बजे से प्रारंभ होकर 11:41 बजे मध्य अवस्था में रहेगा और तड़के 1:26 बजे समाप्त होगा। इस दौरान जबलपुर सहित देश-विदेश में खगोल प्रेमियों और श्रद्धालुओं की उत्सुकता बनी रहेगी।
ग्रहण के चलते शहर के प्रमुख मंदिरों—ग्वारीघाट स्थित हनुमानताल मंदिर, तिलवाराघाट के शनि मंदिर मंदिर, बगलामुखी मंदिर और अन्य देवालयों में सूतक लगते ही पट बंद कर कर दिए गए हैं। पूजा-अर्चना स्थगित कर के पट बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण उपरांत मंदिरों में शुद्धिकरण और विशेष आरती का आयोजन होगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास ने बताया कि यह चंद्रग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि पर पड़ रहा है, जिससे कुंभ, कर्क, सिंह और मिथुन राशि वालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। राहु-केतु और शनि से संबंधित राशि जातकों को भी सावधान रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा और मन का गहरा संबंध होता है, इसलिए ग्रहण काल में मन और बुद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
पं. व्यास के अनुसार ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को काटने-छिलने, तलने और तनाव से बचना चाहिए। शुभ कार्य, सोना, भोजन और मूर्ति स्पर्श वर्जित है। इस दौरान जप, ध्यान और नामस्मरण करना फलदायी माना गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, अन्नदान, स्वर्णदान, भूमि दान और गौदान करने का विशेष महत्व है।
संयोग से आज भाद्रपद पूर्णिमा और महालय श्राद्ध भी है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में श्राद्ध कार्य निषिद्ध हैं, लेकिन कच्चा अन्न और वस्त्र दान किया जा सकता है। ग्रहण के बाद जबलपुर के घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।







