ऑपरेशन सिंदूर में तबाह नूर खान एयरबेस को फिर से बना रहा पाकिस्तान, सैटलाइट तस्वीरों से खुलासा
नूर खान एयरबेस में ऐसा क्या खास?

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह नूर खान एयरबेस को फिर से बना रहा पाकिस्तान, सैटलाइट तस्वीरों से खुलासा
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने के लिए 10 मई को नूर खान बेस पर हमला किया था.

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी फौज के जिस एयरबेस को तबाह कर दिया था, उसे फिर से तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है. नई सैटलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पाकिस्तान ने नूर खान एयरबेस की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. इस्लामाबाद से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ये एयरबेस वायुसेना का अहम ठिकाना है.
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाने के लिए 10 मई को नूर खान बेस पर हमला किया था. इस दौरान परिसर में खड़े दो खास ट्रकों को निशाना बनाया गया था. इस हमले में दोनों ट्रक और परिसर तबाह हो गया था. ये कोई सामान्य ट्रक नहीं थे. इनका इस्तेमाल ड्रोन के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में किया जा सकता था.
भारत ने आधिकारिक तौर पर ये कभी नहीं बताया कि इस हमले में कौन सी मिसाइलें इस्तेमाल की गई थीं. हालांकि ऐसी संभावना है कि ब्रह्मोस या स्कैल्प मिसाइल से ये वार किया गया था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सुखोई 30 विमानों से ब्रह्मोस मिसाइलें दागी थीं, वहीं स्कैल्प मिसाइलें राफेल फाइटर से छोड़ी गई थीं.

जियो इंटेलिजेंस एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने बताया कि हालिया सैटलाइट तस्वीरों से साफ है कि पाकिस्तान ने नूर खान एयरबेस पर भारत के हमले के बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. भारत ने एयरबेस के अंदर खास मिलिट्री वाहनों को निशाना बनाया था. इसकी वजह से आसपास की इमारतों को भी नुकसान हुआ था.
उन्होंने आगे बताया कि हमले की जगह की आसपास की इमारतों को भी बाद में ढहा दिया गया था. ऐसा संभवतः भारत के हमले की वजह से उन्हें हुए नुकसान के कारण किया गया. हमले में इमारतों के अलावा इंटरनल सिस्टम और वायरिंग को भी नुकसान की संभावना है.
नूर खान एयरबेस में ऐसा क्या खास?
- यह एयरबेस पाकिस्तानी आर्मी के मुख्यालय के करीब बना है.
- यह पाकिस्तान के सैन्य हवाई जहाजों का प्रमुख ठिकाना है.
- साब एरिये एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम को यही से संचालित किया जाता था.
- हवा में ईंधन भरने वाले IL-78 और सी-130 ट्रांसपोर्ट विमान यहां तैनात रहते थे.
डेमियन साइमन ने बताया कि एयरबेस पर हमले की जगह बनाई गई दीवारें पिछले नक्शे से मेल खाती हैं. ऐसा भी हो सकता है कि हमले में सुरक्षित बचे ढांचे पर ही नई दीवारें बना दी गई हों.







