
यशभारत। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बाढ़ का संकट गहरा रहा है. यमुना नदी के किनारे बसा यमुना बाजार इलाका बाढ़ के हालात से जूझ रहा है. सोमवार देर शाम जैसे ही यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा तो यमुना बाजार इलाके की कॉलोनी में पानी घुसना शुरू हो गया. कुछ ही घंटों में हालात ऐसे बिगड़ गए कि यमुना बाजार कॉलोनी के घरों में पानी भर गया और लोग अपना घर छोड़कर छतों पर पहुंच गए। बाढ़ के हालत के बीच कुछ लोग अपने घर का सामान छत पर चढ़ा रहे हैं तो कुछ लोग कैंप में अपना सामान लेकर जा रहे हैं।
यमुना नदी के डूब क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति
दिल्ली में सोमवार सुबह से लगातार ज़ारी बारिश से दोपहर 12 बजे तक यमुना नदी पुराने रेलवे पुल (ओआरबी) पर 204.87 मीटर तक पहुंच चुकी थी, जो आधिकारिक खतरे के निशान 205.33 मीटर के करीब है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यमुना नदी मंगलवार शाम तक खतरे के निशान 206 मीटर को पार कर सकती है। जिसको देखते हुए निचले इलाकों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। सामान्य से अधिक बारिश के कारण यमुना नदी के डूब क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। वहीं दिल्ली में पुराने रेलवे पुल को मंगलवार से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी में और बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली के अधिकारियों ने यमुना नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, क्योंकि यहां नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और मंगलवार शाम तक 206 मीटर के निकासी स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। यह कदम हथिनीकुंड बैराज से 29,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच राष्ट्रीय राजधानी खतरे में नहीं है।







