मध्य प्रदेशराज्य

भक्ति का महापर्व :  नदी के मध्य में भगवान गजानन की भव्य स्थापना 

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सागर,रहली l सोनार नदी के मध्य में भगवान श्री गणेश की भव्य स्थापना के साथ शुरू हुआ गणेश उत्सव   आस्था, संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम बन गया है। अंकेश हजारी मित्र मंडली द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अटल सेतु और नदी के दोनों ओर बनाए गए घाटों पर हजारों लोगों ने श्रीरामचरितमानस का संजीव मंचन देख रहे और भगवान श्री गणेश की आरती में भाग ले रहे

गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से संपूर्ण घाट गूंज उठा

 भगवान गणेश जी की आरती का आयोजन मोबाइल की फ्लैशलाइट की रोशनी में किया जाएगा, राजा पंडितके नेतृत्व में आरती और भजन कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं के मन को छू लिया। आरती में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से संपूर्ण घाट गूंज उठा।

रामायण के प्रमुख प्रसंगों का सजीव मंचन

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि रामायण के प्रमुख प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को धर्म और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से जोड़ दिया। श्रद्धालुओं ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति को मंत्रमुग्ध होकर देखा और जमकर सराहना की।

इस आयोजन की श्रृंखला में अगले दिन दीपदान कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों दीप जलाकर नदी को रोशन किया जाएगा। इसके साथ ही ढोल ग्यारस के अवसर पर माता रानी को सुनार नदी को चुनरी अर्पित की जाएगी। कार्यक्रमों की श्रंखला में और भी कई भक्ति आयोजन शामिल हैं, जो पूरे गणेशोत्सव के दौरान जारी रहेंगे।

लोक संस्कृति की जीवंत मिसाल

सोनार नदी पर सजा यह गणेश महोत्सव धार्मिक श्रद्धा और लोक संस्कृति की जीवंत मिसाल बन गया है। इसमें भाग लेने के लिए शहर और आसपास के गांवों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मेला जैसे माहौल में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने इस भक्ति पर्व का आनंद लिया।

यह आयोजन ना केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और परंपरा के महत्व को भी उजागर करता है। अंकेश हजारी मित्र मंडली की यह पहल युवाओं में भी धार्मिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव जागृत कर रही है।

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