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पत्रकारों से बोले विधायक संदीप जायसवाल : पॉलिसी बदली तो सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए भी होंगे प्रयास, पीपीपी मॉडल में 75 प्रतिशत मरीजों को मिलेगा निःशुल्क उपचार

कटनी, यशभारत । क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कटनी में मेडिकल कॉलेज लाने के लिए वे वर्ष 2013 से प्रयास शुरू कर चुके थे। सरकारी मेडिकल कॉलेज की ही मांग आगे बढ़ी, लेकिन वर्तमान में सरकार की योजना पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की है। कटनी को यह सौगात दिलाने के लिए आवश्यक है कि इसे स्वीकार किया जाए। भविष्य में यदि सरकार की पॉलिसी बदलती है तो सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए भी प्रयास होंगे। विधायक ने कहा कि वे स्वयं किसी उपलब्धि का श्रेय नहीं लेना चाहते। उन्होंने तो हमेशा कहा था कि मेडिकल कॉलेज अगर नहीं आया तो यह उनकी असफलताओं में गिना जाए। संदीप जायसवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्रीय स्वास्थ मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश के डिप्टी सीएम, सांसद, सभी विधायकों, भाजपा संगठन समेत अन्य राजनीतिक दलों और इस मांग को प्रमुखता से उठाने वाले सामाजिक संगठनों व मीडिया को दिया है।

अपने निवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजना के अनुसार मेडिकल कॉलेज में आने वाले 75 प्रतिशत मरीजों का उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। विधायक ने कहा कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की जो कमी लंबे समय से बनी हुई है, उसे मेडिकल कॉलेज पूरा करेगा। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों को इलाज के लिए अब अन्य शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें सरकार की तय गाइड लाइन के अनुसार ही होंगी। इसमें चयन इन्ट्रेंस एग्जाम और मेरिट सूची व काउंसलिंग के आधार पर होगा। इससे शहर का कई क्षेत्र में विकास होगा। विधायक ने कहा कि सरकारी की पॉलिसी के तहत ट्रिपल-पी योजना के तहत मेडिकल कॉलेज आया है। विधायक ने कहा कि मेरे द्वारा 100 से अधिक पत्र मेडिकल के लिए लिखे गए हैं। विधानसभा प्रश्न भी लगवाया गया। यदि सरकारी की कभी पॉलिसी सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए बनती है तो फिर उसे लाने प्रयास करेंगे। विधायक ने कहा कि पूर्व में 25 एकड़ जमीन और 350 बिस्तर अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की पहल पर फोकस किया गया, जिससे मेडिकल सुविधा मिली है।

सीटें भी नियमानुसार रहेंगी

उन्होंने कहा कि इसमें मेडिकल कॉलेज की सीटें भी नियमानुसार हीं रहेंगी। कॉलेज खुलने से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि आम मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। 650 बेड के इलाज की व्यवस्था होगी, जबकि अस्पताल में लगभग 400 बेड की क्षमता है। 150 एमबीबीएस की सीटें होगी बाद में 150 सीटें पीजी की रहेंगी। सरकारी शर्तों पर ही फीस रहेगी। स्टॉफ वहीं रहेगी, स्टॉफ की कमी एजेंसी पूरी करेगी। विशेषज्ञ डॉक्टर रखे जाएंगे। कॉलेज का काम ओएमयू के अनुसार 2 साल के अंदर होगा। फाउंडेशन को लेकर खड़े हुए सवाल पर कहा कि इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। -एजेंसी का चयन सरकार ने तय मापदंड के आधार पर ही की है। विधायक ने कहा कि 8 लाख 26 हजार आयुष्मान का टारगेट जिले में है। संख्या अनुमानित आबादी के आधे से अधिक है। बुजुर्गों व पात्रता पर्ची के लोग 2 लाख 45 हजार से अधिक शामिल है। पत्रकार वार्ता में विक्रम खंपरिया, रौनक खंडेलवाल, नवलेश मलिक, प्रमोद तिवारी मौजूद रहे।

पत्रकार वार्ता में विधायक द्वारा कहे गए खास बिंदु ये हैं…

👉🏼 पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज को प्राइवेट मेडिकल कॉलेज बताना गलत है…
👉🏼 पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज में सरकार का पूर्ण नियंत्रण रहेगा। सरकार समय समय पर इसका निरीक्षण,ऑडिट और मॉनिटरिंग करती रहेगी…
👉🏼 मैं खुद चाहता था शासकीय मेडिकल कॉलेज आए लेकिन शासन की नई नीतियों के कारण पीपीपी मॉडल का मेडिकल कॉलेज खोला जा रहा है…
👉🏼 शासन की नई नीतियों के कारण आए पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज को राजनैतिक मुद्दा बनाना अनुचित है…
👉🏼 पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज खुलने से भी रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे…
👉🏼 “कटनी नहीं मांगे पीपीपी मॉडल का मेडिकल कॉलेज,कटनी मांगे शासकीय मेडिकल कॉलेज” जैसे अनावश्यक मुद्दे बनाकर जनता को दिग्भ्रमित न किया जाए…
👉🏼 स्वस्थ्य आलोचना और सुझाव सदा स्वागत योग्य…
👉🏼 सिर्फ श्रेय लेने में मेरा भरोसा नहीं है,कटनी में मेडिकल कॉलेज देर से खुलने को भी मैं अपनी विफलता मानता हूं…
👉🏼 मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 300 बेड के हॉस्पिटल एवं 25 एकड़ भूमि की उपलब्धता की अनिवार्यता को भी मैंने पूर्ण कराया…
👉🏼 मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद कटनी में ईलाज के लिए लगभग 850 बेड उपलब्ध हो जाएंगे…
👉🏼 पीपीपी मॉडल के मेडिकल कॉलेज में 75% बेड,गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क रहेंगे…
👉🏼 छात्रों के एडमिशन में 50% सीटें सरकारी कोटे में,35% सीटें मैनेजमेंट कोटे में(फीस एग्रीमेंट में तय है) एवम 15% सीटें एनआरआई कोटे में रहेंगी…

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