MP हाईकोर्ट ने PSC से माँगा जवाब: OBC के सहायक प्राध्यापकों के बैकलॉग पदों में ‘हेराफेरी’ का आरोप!

जबलपुर,: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में आज एक गंभीर मामले पर सुनवाई हुई, जहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों ने लोक सेवा आयोग (PSC) पर बैकलॉग पदों में ‘हेराफेरी’ करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि आयोग ने अंग्रेजी विषय के वर्ष 2019 के रिक्त OBC वर्ग के बैकलॉग पदों को 2024 में विज्ञापित किया, जबकि 2019 की भर्ती में OBC के योग्य उम्मीदवारों को या तो बाहर कर दिया गया या 13% सीटों पर ‘होल्ड’ रखा गया था।
क्या है पूरा मामला?
सागर निवासी लीलाधर लोधी, दीपक सिंह ठाकुर, इंदौर निवासी शुभम चौधरी, प्रेमलता, तथा बालाघाट निवासी खुशबू चौरसिया और तोपेंद्र लिलाहरे ने आर.पी.एस. ला एसोसिएट के माध्यम से यह याचिका दाखिल की है। याचिका में लोक सेवा आयोग द्वारा 30 दिसंबर 2024 को प्रकाशित विज्ञापन की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इस विज्ञापन में वर्ष 2019 के पहले के अंग्रेजी विषय में OBC वर्ग के कुल 31 बैकलॉग पदों का उल्लेख किया गया है। वहीं, आयोग ने 30 दिसंबर 2022 को अंग्रेजी विषय में सहायक प्राध्यापक के कुल 200 पद विज्ञापित किए थे, जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया अभी चल रही है। हैरानी की बात यह है कि इस 2022 की भर्ती में OBC वर्ग के बैकलॉग पदों का कोई भी हवाला नहीं दिया गया था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि वे 2022 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें साक्षात्कार में कम अंक देकर बाहर कर दिया गया, जबकि अनेक OBC अभ्यर्थियों को 13% सीटों पर ‘होल्ड’ भी कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन?
याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला दिया है, जहाँ स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बैकलॉग के रिक्त पद आगामी भर्ती में सिर्फ उसी वर्ग से भरे जाएंगे जिस वर्ग के पद रिक्त हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आयोग को 2019 के पहले के रिक्त OBC बैकलॉग पदों को 2022 की भर्ती में ही भरना चाहिए था। इसके बजाय, आयोग ने OBC के इन पदों में ‘हेराफेरी’ करके उन्हें असंवैधानिक रूप से 2024 में विज्ञापित किया है।
हाई कोर्ट ने आयोग से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 31 जुलाई को
याचिका क्रमांक WP/25130/25 की प्रारंभिक सुनवाई आज जस्टिस एम.एस. भट्टी की खंडपीठ द्वारा की गई। मामले में उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए, हाई कोर्ट ने लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता और वर्तमान में मध्य प्रदेश शासन के महाधिवक्ता, श्री प्रशांत सिंह को याचिका की एडवांस कॉपी देने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई 2025 को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और हितेंद्र कुमार गोहलानी ने सशक्त पैरवी की।







