शहर के आधा दर्जन से ज्यादा टीआई पर गिरेगी गाज -विभागीय जांच के चलते छिनेगा थानों का प्रभार
शहर के आधा दर्जन से ज्यादा टीआई पर गिरेगी गाज
-विभागीय जांच के चलते छिनेगा थानों का प्रभार
भोपाल यशभारत।
मध्य प्रदेश पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेश कैलाश मकवाना के निर्देश के बाद प्रदेश भर के थानों में लंबे समय से अंगद की तरह जमे मैदानी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। इनमें उन अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। राजधानी में भी पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र ने बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। जिसमें एसआई से लेकर आरक्षकों को बदला गया है। अब पुलिस कमिश्रर शहर के आधा दर्जन से ज्यादा थाना प्रभारियों को हटाने की तैयारी में है। ये वे थाना प्रभारी हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में विभागीय जांच चल रही है। जल्द ही थाना प्रभरियों की सूची जारी की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक पुलिस महानिदेश कैलाश मकवान के निर्देश के बाद प्रदेश भर में हजारों की संख्या में 4 साल या उससे अधिक समय से थानों में जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई और एसआई को हटाकर दूसरे थानों व वरिष्ठ कार्यालयों में पदस्थ किया गया है। इनमें वे पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं, जो एक ही थाने में लंबे समय से जमे हुए थे और बार-बार एक ही थाने में अपनी पोस्टिंग करा लेते थे। भोपाल शहर में भी लगभग सभी थानों से ऐसे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को हटाया जा चुका है, वहीं बचे हुए अधिकारी व कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है।
विभागीय जांच वाले टीआई होंगे लाइन हाजिर-
सूत्रों की माने तो एसआई, एएसआई, प्रधान आरक्षक और आरक्षक के बाद थाना प्रभारियों (निरीक्षक) की बारी है। भोपाल शहर के थानों में पदस्थ निरीक्षकों को भी बदला जाना है। ये वे थाना प्रभारी हैं, जिनके खिलाफ भोपाल शहर अथवा दूसरे जिलों में विभागिय जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि भोपाल शहर में करीब नौ थाना प्रभारी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित है। इन थाना प्रभारियों में कोलार, जहांगीराबाद, श्यामला हिल्स, बैरागढ़, छोला मंदिर के थाना प्रभारी शामिल है। बताया जा रहा है कि जल्द ही पुलिस कमिश्रर हरिनारायण जारी मिश्र की मोहर लगने के बाद इन सभी थाना प्रभारियों को हटाकर लाइन हाजिर किया जाएगा। वहीं इनके स्थान पर दूसरे निरीक्षकों को थानों की मकान सौंपी जाएगी। यह सूची मोहर्रम के बाद जारी हो सकती है।
जिलों से मांगा गया है रिकार्ड-
पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि सभी निरीक्षकों के संबंध में उनके पूर्व पदस्थापना वाले जिलों से जानकारी मांगी गई है। इनमें तीन कैटेगिरी रखी गई है। जिसमें नैतिक पतन, भ्रष्टाचार और अवैध रूप से अवरोध शामिल हैं। इन तीनों कैटेगिरी के आधार पर थाना प्रभारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही सूची जारी की जाएगी।
लंबे अवधि से पदस्थ अधिकारी हटाए जाएंगे
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने सोशल मीडिया पर आदेश पोस्ट करते हुए कहा कि पुलिस थानों की कार्यप्रणाली प्रभावी, पारदर्शी एवं कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर एवं पदस्थापना के निर्देश जारी किए गए हैं। एक ही थाने में लंबी अवधि में पदस्थ अधिकारी हटाए जाएंगे।
डीजीपी मकवाना का फरमान-
किसी एक थाने में किसी भी कर्मचारी की एक पद पर पदस्थापना 4 और अधिकतम 5 साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को पदस्थापना की अवधि पूरी होने पर उसी पद पर उसी थाने में दोबारा पदस्थ नहीं किया जाए। किसी भी कर्मचारी की पृथक पदों पर किसी एक थाने में पुन
: पदस्थापना में कम से कम 3 साल का अंतर जरूरी है। आरक्षक से उपनिरीक्षक के पद पर किसी भी कर्मचारी की एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 साल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। उपरोक्त सेवाकाल में स्थानांतरण के साथ-साथ अटैचमेंट की समयावधि भी शामिल रहेगी।







