जबलपुर जीसीएफ में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: 20 हजार रुपये लेने वाले चार्जमेन के पूरे इंक्रीमेंट खत्म

जबलपुर, मध्य प्रदेश: जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में पटाखा व्यापारियों से अवैध रूप से ₹20,000 लेने के आरोप में एक चार्जमेन को बड़ा दंड मिला है. साल 2023 में दिवाली के दौरान हुई इस घटना की जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद, चार्जमेन को निम्नतम वेतनमान (minimum pay scale) पर पदावनत कर दिया गया है और अगले दो साल तक उसे कोई वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) नहीं मिलेगी.
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, निर्माणी के यार्ड एंड इस्टेट अनुभाग में पदस्थ चार्जमेन कुमार संजय पर आरोप था कि उसने पटाखा व्यापारियों को न्यू लाइन मैदान में दुकान लगाने की अनुमति देने के नाम पर अवैध रूप से ₹20,000 लिए थे. इतना ही नहीं, उसने किराए की कच्ची रसीदें भी थमाई थीं. बताया जाता है कि संपदा अधिकारी ने पहले ही दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन पटाखा व्यापारी संघ के अध्यक्ष जुगल किशोर जब चार्जमेन से मिले, तो उसने जीसीएफ प्रशासन के संज्ञान में लाए बिना ही गैर-कानूनी तरीके से दुकान लगाने की अनुमति दे दी और किराया भी वसूल लिया.
जांच में आरोप सिद्ध, कड़ी सजा
मामला तब खुला जब पटाखा व्यापारियों ने जीसीएफ गेट के सामने हंगामा किया और इसकी शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और सीबीआई (CBI) को की. इसके बाद, जीसीएफ के मुख्यालय कानपुर से निर्देश जारी होने पर चार्जमेन के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (जांच) शुरू की गई. व्यापारियों ने सबूत के तौर पर वीडियो और कच्ची रसीदें प्रशासन को सौंपी थीं. जांच के उपरांत, आरोप पूरी तरह से सिद्ध पाए गए.
3 जुलाई को जारी आदेश में आरोपी चार्जमेन को निम्नतम वेतनमान पर पदावनत करने के साथ-साथ दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने की सजा सुनाई गई है. यह कार्रवाई जीसीएफ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है.







