पदोन्नति नए नियमों का विरोध शुरू, मंत्रालय में कर्मचारियों ने काली टोपी पहनकर किया कार्य

पदोन्नति नए नियमों का विरोध शुरू, मंत्रालय में कर्मचारियों ने काली टोपी पहनकर किया कार्य
– अनारक्षित वर्ग के पदों पर पदोन्नति का किया जा रहा है विरोध
भोपाल, यश भारत। प्रदेश सरकार के आरक्षण में पदोन्नति को लेकर लिए गए निर्णय का सपाक्स विरोध कर रही है। इसको लेकर मंंत्रालय में बुधवार को सपाक्स कर्मचारियोंं ने विरोध स्वरुप काली टोपी पहनकर काम किया। यह विरोध अनारक्षित के पदों पर होने वाली पदोन्नति के विरोध को लेकर किया जा रहा है। जब तक सरकार इस पर विचार नहीं करेगी तब तक श्ह विरोध जारी रहेगा। विगत दिवस कैबिनेट की बैठक में आरक्षित वर्ग की पदोन्नति का प्रस्ताव पारित किया गया था। मंत्रालय के साथ प्रदेश के कर्मचारियों अधिकारियों की पदोन्नति के लिए हाल ही में नियम जारी किए गए हैं। इन नए नियमों के विरोध में आज से सपाक्स के द्वारा मंत्रालय में विरोध करते हुए मंत्रालयीन कर्मचारियों ने काली टोपी पहनकर कार्य किया। वहीं गुरूवार को मंत्रालय में सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारी भी प्रदर्शन कर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को सपाक्स की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सपाक्स के अध्यक्ष केएस तोमर भी शाािमल हुए थे। मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी सेवा संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि हमारा विरोध आरक्षित पदोन्नति को लेकर नहीं है। लेकिन समस्या अनारक्षित पदों को लेकर है। सरकार ने जो नये नियम बनाये हैं, उसके तहत अनारक्षित पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। इससे अनारक्षित कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो जाएंगे। नायक ने कहा है कि अभी नए पदोन्नति नियमों और पुरानी व्यवस्था में पदोन्नति के 36 प्रतिशत पद आरक्षित वर्ग को मिलेंगे। इसमें 20 प्रतिशत एसटी और 16 प्रतिशत एससी वर्ग के लोग होंगे। इसके बाद अनारक्षित वर्ग के लिए जो पदोन्नति के 64 प्रतिशत पद बचेंगे उसमें भी आरक्षित वर्ग के लोग वरिष्ठता के हिसाब से आएंगे और अनारक्षित वर्ग का हक मारेंगे। यह है आरक्षण की स्थिति: अंडर सेक्रेट्री के 65 पद में से 58 पदों पर आरक्षित वर्ग के अधिकारी पदस्थ उप सचिव के 14 पद हैं जिसमें से सभी पदों पर आरक्षित वर्ग के अफसर पदस्थ अपर सचिव के तीन पद हैं और तीनों पर आरक्षित वर्ग के अफसर पदस्थ है। स्पीक के अध्यक्ष बोले- 29 को करेंगे सभी संगठनों के साथ मीटिंग सपाक्स की बैठक बिना परमीशन कैसे हुई अन्य संगठन का कहना ह ैकि सपाक्स की बैठक मंगलवार को की गई थी। जिसमें मंत्रालय के अलावा बाहर के कर्मचारी शामिल हुए थे। सुरक्षा की दृष्टि से बिना परमीशन के बाहर के कर्मचारी कैसे अंदर प्रवेश कर गए। जबकि जब मुख्यमंत्री के सम्मान करने पर इन्हीं लोगों ने विरोध किया था ।







