कटनीमध्य प्रदेश

5 लाख मीट्रिक टन को पार करेगा धान खरीदी का आंकड़ा, 55 हजार किसानों से 4 लाख 65 हजार 130 मीट्रिक टन धान खरीदी, परिवहन में जुटा नागरिक आपूर्ति निगम

यशभारत खास

कटनी, यशभारत। समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन अब अंतिम दौर पर है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में आगामी 20 जनवरी तक धान का उपार्जन किया जाएगा। कटनी जिले की बात करें तो यहां समर्थन मूल्य पर किसानों से टारगेट से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। केन्द्रों में करीब एक लाख मीट्रिक टन धान खुले आसमान के नीचे रखी है। अब इसे सुरक्षित वेयर हाऊस और ओपन केप तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी पिछले दो दिनों से इसी माथापच्ची में लगे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक जिले में जहां भी वेयर हाऊस और ओपन केपन में जगह बची है, वहां पर धान का उठाव करते हुए स्टाक करवाया जा रहा है।

परिवहनकर्ताओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन्हे जहां से भी धान के उठाव के लिए कहा जा रहा है, वे तत्काल वहां पहुंचकर धान का परिवहन निर्धारित स्थानों के लिए करें। बताया जाता है कि जिले में दो परिवहनकर्ताओं को धान के उठाव का जिम्मा दिया गया है। उधर दूसरी तरफ धान की मिलिंग भी शुरू हो गई है, इसके लिए 22 राइस मिलर्स से एग्रीमेंट किया गया है। बताया जाता है कि राइस मिलर्स को सीधे केन्द्रों से भी धान का उठाव करने के लिए कहा गया है। विदित हो कि राज्य सरकार के निर्देश पर इस साल खरीफ उपार्जन के तहत विगत एक दिसम्बर से धान का उपार्जन शुरू हुआ था। इसके लिए पूरे जिले में 89 केन्द्र बनाए गए थेे, जहां किसानों से धान की खरीदी की गई। इस बार राज्य सरकार द्वारा 2369 रूपए प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य तय किया गया था। निर्धारित समय पर जिले में धान का उपार्जन शुरू हुआ और राज्य नागरिक आपूर्ति लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी करने में सफल रहा। बताया जाता है कि पिछले साल जितनी खरीदी हुई थी, उससे कहीं अधिक इस बार हुई। व्यापारियों से धान के उपार्जन को लेकर प्रशासन इस बार काफी सख्त रहा। हजारों क्विंटल धान गोदामों ओर अन्य स्थानों से जब्त की गई। हालांकि इसके बाद भी कई केन्द्रों से अनियमितताओं की शिकायत भी मिली।

3 लाख 66 हजार 695 मीट्रिक टन का परिवहन

जानकारी के मुताबिक कटनी जिले में अब तक 55 हजार 411 किसानों से 4 लाख 65 हजार 130 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। जिले में धान की खरीदी 1 दिसम्बर से शुरू हुई थी, जो 20 जनवरी तक चलेगी। आज से स्लाट की बुकिंग भी नहीं होगी। जिले में धान के उपार्जन लिए 89 केन्द्र बनाए गए थे, जहां समितियों और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किसानों से 2369 समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया गया है। बताया जाता है कि केन्द्रों से 3 लाख 66 हजार 695 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है।
2025 में 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन 
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले साल 2025 में 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। इस बार उपार्जन के पहले 62 हजार 588 किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया था। नागरिक आपूर्ति निगम से मिली जानकारी के मुताबिक किसानों को अब तक 734 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। विभाग का मानना है कि अभी धान की खरीदी के लिए एक सप्ताह का समय शेष है। इस दौरान कटनी जिले में धान की खरीदी का आंकड़ा 5 लाख मीट्रिक टन को पार कर जाएगा।
इन राइस मिलों से एग्रीमेंट
जानकारी के मुताबिक सिविल सप्लाई कार्पोरेशन ने जिन मिलों से एग्रीमेंट किया है, उसमे मम्मा फूड इंडस्ट्रीज, एस गुलाबराय एंड संस, वेद महाकोशल प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, तखतमल ग्रेंडसंस प्राईवेट लिमिटेड, श्री मारूति राइस मिल, श्री सांई राइस एंड दाल मिल, नैना देवी राइस मिल, पांडे इंडस्ट्रीज, ममता वेयर हाऊस एंड एग्रो सर्विसेस, सुखसागर फूड प्राईवेट लिमिटेड, दौलतराम तखतमल, श्री जगन्नाथ एक्सपोर्ट, पंजाब इंडस्ट्रीज, ओम राइस मिल, कोमल एग्रो, सुनिधि इंडस्ट्रीज, सतनाम इंडस्ट्रीज, शिव इंडस्ट्रीज, महाबल इंडस्ट्रीज एवं राय इंडस्ट्री शामिल है। बताया जात है कि इनमें से तखतमल, मारुति, मम्मा फूड मिलर्स द्वारा धान की उठाव शुरू किया जा चुका है।
इनका कहना है
इस बार लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को 734 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। केन्द्रों में करीब एक लाख मीट्रिक टन रखी हुई है, जिसका उठाव करवाया जा रहा है। परिवहनकर्ताओं को केन्द्रों से धान का परिवहन करने के लिए कहा गया है।
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