3 करोड़ के हवाले का मामला
सीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू पर गिरफ्तारी की तलवार, पूजा पाण्डेय के बहनोई की घेराबंदी

3 करोड़ के हवाले का मामला
सीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू पर गिरफ्तारी की तलवार, पूजा पाण्डेय के बहनोई की घेराबंदी
सिवनी/जबलपुर/कटनी यशभारत प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा हवाला डकैती कांड सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर कारोबारी जगत तक हड़कंप मचा हुआ है। अक्टूबर में उजागर हुए इस बड़े प्रकरण ने न सिर्फ हवाला कारोबारियों की जड़ें हिला दी हैं, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में सीएसवी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस की टीमें लगातार तीनों से जुड़े ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं। पूजा पाण्डेय के शाहीनाका स्थित निवास पर बहनोई वीरेन्द्र दीक्षित की घेराबंदी हो गयी है। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंकज मिश्रा, आरक्षक पंचू, प्रमोद से पूछताछ शुरू हो गयी है। लेकिन पुलिस के पुख्ता सूत्र बताते हैं कि इन तीनों की गिरफ्तारी हो चुकी है हालाकि इस मामले में पुलिस अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला – कटनी से सिवनी होते हुए जबलपुर तक फैला जाल-जांच में पता चला है कि कटनी और जबलपुर के हवाला कारोबारियों के बीच लंबे समय से अवैध लेन-देन को लेकर दबाव और प्रतिस्पर्धा चल रही थी। दोनों ओर का नेटवर्क अलग-अलग जिलों में फैला हुआ था। इसी आपसी खींचतान और एक-दूसरे के कारोबार में सेंध लगाने की कोशिश ने 3 करोड़ रुपये के इस बड़े कांड को जन्म दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हवाला कारोबारी पंजू ने नेटवर्क में हस्तक्षेप करने की कोशिश की गई, जिसके बाद उसके लोगों ने रकम पर नियंत्रण खो दिया। इसी बीच वर्दी की आड़ लेकर रकम हड़पने की साजिश रची गई।
प्रदेश सहगड हवाला डकैती कांड
वर्दी का दुरुपयोग – आरक्षक प्रमोद सोनी और ‘सिस्टम’ का काला चेहरा- जबलपुर के सिपाही
प्रमोद सोनी की भूमिका इस पूरे कांड में सबसे ज्यादा विवादास्पद मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि हवाला रकम की जानकारी सबसे पहले सोनी तक पहुँची, जिसने इसे आगे बढ़ाते हुए बालाघाट एसडीओपी पंकज मिश्र तक पहुंचाया। सके बाद यह सूचना वरिष्ठ अधिकारी मैडम पांडे तक पहुँच गई।सर्विलांस टीम पहले से ही गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जब जानकारी मेल खाने लगी तो शीर्ष अधिकारियों को शक गहराया और जांच तेज कर दी गई। तपतीस में सामने आया कि वर्दी में ही हवाला रकम को लूटने की योजना बनाई गई थी। यह भी आशंका है कि योजना में कई लोग एक साथ जुड़े हुए थे जिनकी भूमिकाएँ अब खुलनी बाकी है।
कांड की जड़ – जबलपुर बना हवाला ट्रांजिट हब- जांच रिपोर्ट में साफ है कि हवाला का बड़ा प्रवाह कटनी से सिवनी और सिवनी से जबलपुर तक जुड़े नेटवर्क के माध्यम से होता था अजब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा से पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि जबलपुर शहर को पूरे प्रदेश के हवाला लेन-देन का प्रमुख केंद्र बनाया गया था।जबलपुर के कई कारोबारी, एजेंट और बिचौलिए इस रैकेट का हिस्सा थे, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक रकम के आवागमन में भूमिका निभाते थे।
वर्दी में डकैती, ‘प’ नाम ने पहुंचाया जेल
17 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित खबर
चार जिलों में मजबूत पकड़, हवाला नेटवर्क के बड़े खुलासे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य
कटनी, सिवनी, जबलपुर और एक अन्य जिले में फैला संगठित हवाला नेटवर्क रकम के सुरक्षित ट्रांसफर के लिए पुलिस का नाम और पद का दुरुपयोग वर्दीधारी लोगों की मदद से हमला राशि को शिफ्ट करने और छुपाने की कोशिश #3 करोड़ की रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर ट्रांजिट करने के प्रमाण फर्जी जांच और फर्जी कार्रवाई दिखाकर रकम हड़पने की योजना वाई जिलों में एक साथ कार्रवाई की तैयारी, पथिरों जारी
हाँक फोर्स और क्राइम ब्रांच पर भी जांच का शिकजा- इस मामले की सबसे गंभीर बात यह है कि
जांच की सुई अब पुलिस की विशेष इकाइयों की ओर घूम गई है। हॉक फोर्स और क्राइम ब्रांच के कुछ अधिकारियों पर शक जताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि हवाला रकम की सुरक्षा, मार्ग परिवर्तन, और लेन-देन को सुरक्षित रूप से आने पहुंचाने के लिएकुल अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष सहयोग किया हो सकता है। गांव अधिकारी इस पहलू को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि इस मामले में पुलिस की आंतरिक संलिप्तता साबित होने पर बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ सकता है।
आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना- अधिकारियों की मानें तो यह हवाला नेटवर्क लंबे समय से चल रहा था। कई बड़े कारोबारी, दलाल, पुलिसकर्मी और राजनीतिक संपर्क वाले लोग इस चैन के जरिए लाभ कमाते रहे हैं। अब जब जांच की परतें खुल रही है, कई बड़े नामों के सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं और सीएसवी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद कई और नामों का खुलासा होने के संकेत मिल रहे हैं।







