जबलपुरमध्य प्रदेश

एसएएफ में 3.50 करोड़ का घोटाला: यात्रा, चिकित्सा, एफव्हीसी देयकों से अत्यधिक धनराशि के भुगतान का मामला

फर्जी टीए बिल, जाली डीडीओ अप्रूवल, दस्तावेजों से किया फर्जीवाड़ा

जबलपुर। रांझी में विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की छठवीं बटालियन में यात्रा, चिकित्सा, एफव्हीसी देयकों से कर्मचारियों को अत्यधिक धनराशि लगभग 3.50 करोड़ के भुगतान घोटाले में रांझी पुलिस ने निलंबित सहायक उप निरीक्षक, आरक्षक समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। फर्जीवाड़ा फर्जी टीए बिल, जाली डीडीओ अप्रूवल, दस्तावेजों के जरिए किया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक विजय कुमार अंभोरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे 6वीं वाहिनी विसबल जबलपुर में एडज्यूटेंट के पद पर पदस्थ है। यात्रा भत्ता देयक चिकित्सा भत्ता देयक एवं एफव्हीसी देयकों से कर्मचारियों को अत्यधिक धनराशि के भुगतान किए जाने संबंधित मामले की एसएएफ कमांडेंट ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। कलेक्टर ने भी जांच कराई थी। दस लाख रुपये राशि से अधिक सकल राशि के टीए बिल के माध्यम से भुगतान कर्मचारियों को प्राप्त हुआ था जांच के दौरान कार्यालय के यात्रा भत्ता शाखा, मेडिकल शाखा, कंटीजेसी शाखा व वेतन शाखाओं से प्रस्तुत दस्तावेजों का अध्ययन , परीक्षण एवं वेतन शाखा आईएफएमआईसीएस के माध्यम से यात्रा भत्ता की पेमेण्ट आर्डर लिस्ट का जाँच हुई। साथ ही कर्मचारियों और संबंधित शाखा प्रभारियों व अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए थे। जांच कमेटी द्वारा सभी संदिग्ध खाताधारकों के बैंक खातों के डिटेल्स बैंक से प्राप्त कर उनका परीक्षण किया गया था। सभी बैंक खातों में शासकीय कोषाालय से बहुत बड़ी मात्रा में धनराशि का आहरण किया जाना पाया गया है।

जाँच पर पाया गया कि वर्ष 2022 से 2025 तक अनुमानित राशि करीब 3 से 3.50 करोड रुपये का वाहिनी कार्यालय में पदस्थ सउनि सत्यम शर्मा एवं मृतक आरक्षक अभिषेक झारिया ने फर्जी टी.ए. बिल आई.एफ.एम.आई.एस. साफ्टवेयर पर रचित किए गए इस कार्य में फर्जी तरीके से डी. डी.ओ अप्रूवल, फार्म नं. 268 एवं स्वीकृति आदेश भी गलत तरीके से तैयार कर दस्तावेजों की कूटरचना की गयी।

एक दिन में अनेक ट्रांजेक्शन

जांच में पाया गया कि एक ही दिनांक में एक ही कर्मचारी के खाते में अनेक बार आहरण, भुगतान प्रदर्शित हुआ है और धनराशि प्राप्त की गयी है । धनराशि की मात्रा सामान्य से बहुत अधिक है, यहां तक कि उन्हें मिलने वाले वेतन से भी कई गुना अधिक है ।

फर्जी टीए बिल तैयार किया किया घपला

सूत्रों के मुताबिक जांच में पाया गया कि टी.ए. शाखा में पदस्थ निलंबित सउनि सत्यम शर्मा एवं इसके सहायक आरक्षक अभिषेक झारिया (मृतक) द्वारा मिलकर फर्जी टीए बिल तैयार किए जाकर स्वयं एवं उल्लेखित खाताधारकों के बैंक खातों में टी.ए की धनराशि का आहरण किया गया है। खाताधारकों के बैंक खातों में धनराशि पहुंचने के बाद संबधित खाताधारकों द्वारा अपने बैंक खातों से सउनि अ सत्यम शर्मा एवं आरक्षक अभिषेक झारिया के बैंक खातों में धनराशि का ट्रांसफर किया गया है। इस तरह फर्जीवाड़ा चलता रहा।

ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

सउनि सत्यम शर्मा एवं सहायक आरक्षक अभिषेक झारिया (मृतक) द्वारा स्वयं की आईडी व वरिष्ठ अधिकारियों की आईडी पर कार्य किया गया। उन्हें धोखे में रखकर उनसे ओ.टी.पी आदि प्राप्त कर स्वयं ही फर्जी टी.ए. बिल तैयार किए जाकर शासकीय कोषालय से धनराशि का आहरण किया गया है । इस तरह अधिकांशत: निलंबित सउनि सत्यम शर्मा द्वारा ही अपने सहायक आर. अभिषेक झारिया (मृतक) के साथ मिलकर आई.एफ.एम.आई.एस पर क्रिएटर का कार्य किया गया है वरिष्ठ अधिकारियों से ओटीपी प्राप्त कर उनकी आई.डी पर वेरिफायर व अप्रूवर का कार्य भी इन्ही दोनों के द्वारा किया गया है ।

2022 से 2024 तक रहा पदस्थ-

जांच के दौरान लिए गए बयान में निलंबित सउनि शर्मा ने बताया कि सितम्बर 2022 से माह जून-2024 तक इस पद पर रहकर कार्यरत रहा है एवं इसके सहायक के रूप में आरक्षक अभिषेक झारिया (मृतक) पदस्थ रहा है । जून-2024 के बाद भी निलंबित सउनि सत्यम शर्मा की आईडी पर टी.ए का कार्य किया जाता रहा, बाद में सउनि प्रतिभा उपाध्याय की आई डी से जारी रहा था । मृतक आरक्षक अभिषेक झारिया की बैंक स्टेटमेन्ट, टी.ए. आहरण संबंधी दस्तावेज की प्रतियों का परीक्षण करने पर पाया गया है कि फर्जी टी.ए. बिल तैयार कर उन बिलों के माध्यम से शासकीय कोषालय से धनराशि का आहरण किया गया है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button