सिवनी यश भारत:-आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने सोमवार शाम लगभग 4 बजे सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सरपंच को बस स्टैंड के पास ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक शिवचरण नागवंशी पिता नंदकुमार नागवंशी (40 वर्ष) निवासी जान्हवी नगर, चुनाभट्टी के पास ग्राम पलारी, जिला सिवनी ने दिनांक 2 मार्च 2026 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह पिछले 4–5 वर्षों से ग्राम पलारी में टपरिया बनाकर रह रहा है और उसके पास रहने के लिए कोई अन्य जगह नहीं है। अपनी टपरिया में सुधार कार्य कराने के लिए जब उसने प्रयास किया तो ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया पिता स्व. बसोड़ीलाल डेहरिया (32 वर्ष) ने उससे 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद EOW जबलपुर की टीम ने मामले का प्रारंभिक सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी सरपंच द्वारा वास्तव में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। इसके बाद टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
सोमवार 9 मार्च को तय योजना के अनुसार प्रार्थी शिवचरण नागवंशी को आरोपी सरपंच को रिश्वत की राशि देने के लिए भेजा गया। जैसे ही सरपंच ने बस स्टैंड के पास 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद EOW की ट्रैप टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली।
कार्रवाई के बाद आरोपी सरपंच के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है। वहीं अधिकारियों ने आम नागरिकों से भ्रष्टाचार के मामलों में आगे आकर शिकायत करने की अपील की है, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सके।
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