15 अगस्त को 12 कैदी होंगे आजाद, अच्छे आचरण के कारण मिली सजा माफ़ी
इन जिलों के कैदी होंगे रिहा

15 अगस्त को 12 कैदी होंगे आजाद, अच्छे आचरण के कारण मिली सजा माफ़ी
जबलपुर, मध्य प्रदेश, देश की आजादी के 78वें पर्व, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर मध्य प्रदेश की नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल से 12 कैदियों को रिहा किया जाएगा। इन कैदियों को उनके अच्छे आचरण और जेल में बेहतर व्यवहार के कारण सरकार की ओर से सजा में विशेष छूट दी गई है। यह पहल उन बंदियों के लिए एक नई शुरुआत है, जिन्होंने कारागार में रहते हुए सुधार का रास्ता चुना।
सजा माफ़ी का आधार और प्रक्रिया
जेल प्रशासन ने बताया कि ये कैदी अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर चुके हैं और जेल में उनके आचरण की लगातार समीक्षा की गई। उप अधीक्षक मदन कमलेश ने जानकारी दी कि इन कैदियों के सकारात्मक व्यवहार और सुधार को देखते हुए सरकार ने इनकी सजा माफ करने का फैसला किया है। यह कदम कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने और एक सामान्य जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है।

इन जिलों के कैदी होंगे रिहा
रिहा होने वाले 12 कैदियों में से एक महिला कैदी भी शामिल है। ये बंदी मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से संबंधित हैं, जिनमें डिंडौरी, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं।
रिहा होने वाले कैदियों के नाम:
डिंडौरी: केवल बैगा, जनकर पुसाम, शिवचरण गौंड़, रंगीलाल गौड़
नरसिंहपुर: गुरूदयाल कोरी उर्फ गुड्डा
सिवनी: अशफाक खान, हर्षलता उर्फ मुस्कान (महिला कैदी)
कटनी: महेन्द्र सिंह, रमेश तिवारी उर्फ भैयाजी, वीरेन्द्र तिवारी उर्फ खोख्खल
छिंदवाड़ा: ज्ञानी चंद्रवंशी
बालाघाट: अरविंद महार उर्फ कालू







