मध्य प्रदेशराज्य

सिवनी में हवाले के 3 करोड़ की लूट मामला : बालाघाट डीएसपी सहित 4 आरोपी गिरफ्तार,जबलपुर क्राइम ब्रांच की कार्यवाही,11 आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

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सिवनी यश भारत:-सिवनी में 1 माह पूर्व 8-9 अक्टूबर की दरमियान रात्रि हवाले के 3 करोड़ रुपये की राशि का बड़ा हिस्सा दबाने के मामले में सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मी जेल में है। जांच के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर क्राइम ब्रांच ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आज बालाघाट के DSP पंकज मिश्रा, साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक प्रमोद सोनी, और दो सिविलियन पंजू गिरी गोस्वामी और पूजा पांडे के जीजा वीरेंद्र दीक्षित को गिरफ्तार किया है। और 2 दिन की पुलिस रिमांड में लिया गया है। इस मामले में डीएसपी पूजा पांडे समेत 11 आरोपी हवालात में है। जिनमे से पूजा पांडे को रीवा जेल और 10 पुलिसकर्मियो को नरसिंगपुर जेल में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, लूट कांड सामने आने के बाद लगातार जांच की जा रही थी। तकनीकी आधार और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर क्राइम ब्रांच ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ते हुए आरोपियों की संलिप्तता पाई। इसके बाद चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए। पुलिस ने कार्रवाई पूरी करते हुए सभी चार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस मामले में पुलिस आगे की जांच जारी रखते हुए अन्य संभावित कड़ियों की भी जाँच कर रही है।

जांच अधिकारी क्राइम ब्रांच जबलपुर के एडिशनल एसपी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि चारो आरोपी हवाला लूट कांड के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल थे। मेटा से कोई डेटा नही मंगा गया है लेकिन मुख्य आरोपी पूजा पांडे के मोबाइल में पंकज मिश्रा का नंबर पंकज सर के नाम से सेव था।

ये है मामला

बता दें कि यह पूरा मामला लखनवाड़ा थाना अंतर्गत सीलादेही हाईवे पर 9 अक्टूबर की रात चेकिंग के दौरान सामने आया था। पुलिस कर्मियों ने एक कार से मिले ₹2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए के हवाला की बड़ी राशि का एक हिस्सा हड़पने का प्रयास किया था, जिसके बाद यह आपराधिक केस दर्ज किया गया था।

14 अक्टूबर को इन 11 पुलिस कर्मियों पर लखनवाड़ा थाने में डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र जैसी संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

इस पूरे हवाला घटनाक्रम ने पुलिस विभाग के कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। हालांकि प्रकरण में गठित जबलपुर एसआईटी व क्राइम ब्रांच का दल आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद नये तथ्यों को खोजने में जुट गया है।

सूत्रों के अनुसार हाकफोर्स में तैनात डीएसपी पंकज मिश्रा पूर्व में ओमती पुलिस थाना जबलपुर में पदस्थ थे। इस दौरान आरक्षक प्रमोद सोनी भी इसी थाने में पदस्थ रहा था। 2.96 करोड़ की बड़ी रकम कार में कटनी सतना से नागपुर भेजने की सूचना हवाला आपरेटर ने आरक्षक प्रमोद सोनी तक भेजी थी, जिसके बाद बालाघाट डीएसपी पंकज मिश्रा ने इसे सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे तक पहुंचाया था। हवालाकांड के रुपयों की लूट के अपराधिक षडयंत्र में सभी आरोपितों के शामिल होने की बात समाने आई है, जिसने पुलिस की ईमानदार छवि को तार-तार कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम की भनक जिले के पुलिस अधिकारियों तक समय रहते ना पहुंचना आला अधिकारियों के सूचना तंत्र की विफल को प्रदर्शित करता है। खास बात यह है कि 8-9 अक्टूबर की रात हुई लूट के घटनाक्रम की जानकारी 9 अक्टूबर की दोपहर मिलने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इतना ही नहीं हवाला की आधी रकम एसडीओपी पूजा पांडे व एसआई अर्पित भैरम से जब्त होने के बावजूद हवाला कारोबारियों पर लखनवाड़ा पुलिस थाना में 11 अक्टूबर को रुपये के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया था।

कार में ले जा रहे थे पैसे

गौरतलब है कि 8 व 9 अक्टूबर की दरम्यानी रात सफेद रंग की क्रेटा कार क्र. एमएच 13 ईके 3430 में इरफान पठान पुलबंडी

जिला औरंगाबाद तथा शेख मुख्तार उज्जैन पुरी तहसील बदनापुर जिला जालना महाराष्ट्र निवासी सवार थे, जिनके कार्रवाई के दौरान मौके से फरार होने की बात कही गई थी।

जबकि पकड़ी गई रकम पर जालना के सोहन परमार ने अपना दावा करते हुए पुलिस पर रुपयों की लूट कर हड़पने का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इसके बाद 1.45 करोड़ रुपये की रकम 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा से जप्त किए थे।

सुनसान स्थान में किया कांड:-

एसडीओपी जबलपुर क्राइम जोन 5 एएसपी आयुष गुप्ता की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया था कि अक्टूबर की रात नेशनल हाइवे में हवाला रकम लेकर जा रहे कार वाहन को रोककर सीलादेही मंदिर के पास सुनसान स्थल लाकर एसडीओपी पूजा पहि एसआई अर्पित पैरम व पुलिस कर्मियों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया था। जांच में एसडीओपी की लोकेशन भी रात भर उसी स्थल पर पाई गई थी। 8-9 अक्टूबर की रात 12 बजकर 02 मिनट से सुबह 5 बजकर 56 मिनट तक एसडीओपी पूजा पडि ने मौके पर मौजूद रही थी, इसके बाद भी एसडीओपी ने कार्रवाई की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी थी। सूत्रों के अनुसार 6 घंटे ठक मौके पर रहने के दौरान कई बार व्हाट्सअप काल किए गए, इसमें एसडीओपी किसी को ‘सर, सर कहकर लंबी बातचीत करती रखो। 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये एसडीओपी पूजा पांडे ने अपने कब्जे में रख लिये थे। अगले दिन जालना के हवाला आपरेटर सोहन परमार से 50 प्रतिशत राशि स्वयं रखने व शेष 50 प्रतिशत राशि को लौटाने का सौदा किया गया। 1 करोड़ 45 लाख रुपये अपने पास रखकर शेष राशि 1 करोड़ 51 लाख 50 हजार रुपये लौटाते हुए वापस जाने कहा गया। इसमें 25 लाख 60 हजार रुपये कम मिलने के बाद पूरे मामला सामने आया था, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। यह रकम जुआ-सट्टा सहित अन्य आप्राधिक कार्यों के होने का अंदेशा है। हवाला प्रकरण में कार्रवाई 8 करते हुए पुलिस ने नागपुर से निवासी आकाश जैन से 1 करोड़ रुपये तथा अमन गुरनानी से 25 लाख रुपये, जब्तकिये थे।

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