मध्य प्रदेशराज्य

सिवनी पहुंचे शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज : दो दिवसीय प्रवास से बढ़ी धार्मिक चेतना

सिवनी यश भारत:-शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज दो दिवसीय प्रवास पर मंगलवार को सिवनी पहुंचे। उनके आगमन को जिले के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और स्मरणीय क्षण के रूप में देखा जा रहा है। शंकराचार्य जी के सिवनी आगमन से पूरे अंचल में धार्मिक चेतना, उत्साह और श्रद्धा का वातावरण निर्मित हो गया है।

अपने प्रवास के पहले दिन 21 जनवरी को पूज्य शंकराचार्य जी ने संतोष सहज आश्रम पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके पश्चात उन्होंने आयोजन समितियों के साथ बैठकों में भाग लिया और आगामी द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने आयोजन की वैदिक शुद्धता, अनुशासन और समयबद्धता पर विशेष बल दिया।

आयोजन को और अधिक भव्य एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से शंकराचार्य जी ने दोपहर में मातृशक्ति की विशेष बैठक ली। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के सुझाव सुने और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। शाम लगभग 4 बजे वे नरेला में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता के लिए रवाना हुए। शंकराचार्य जी के दर्शन के लिए जिलेभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

22 जनवरी को प्रातः 11 बजे शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी समस्त शिष्यों, श्रद्धालुओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक लेकर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देंगे।

उल्लेखनीय है कि सीलादेही स्थित शंकराचार्य आश्रम परिसर में 21 से 28 फरवरी तक द्वारकाधीश मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर का भव्य एवं दिव्य धार्मिक महोत्सव होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से संत-महात्मा, धर्माचार्य, विद्वान एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन की संभावना है।

आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव के दौरान वैदिक प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान, श्रीमद्भागवत कथा, विशाल धार्मिक मेला एवं प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर तथा विशाल भंडारों का आयोजन किया जाएगा। समिति ने बताया कि जनसहभागिता इस महोत्सव की सफलता की कुंजी होगी।

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी का सिवनी प्रवास और उनका आध्यात्मिक मार्गदर्शन इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

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