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यश भारत विशेष : धीरे-धीरे लुप्त होता जा रहा है बांस से घरेलू सामान बनाने का व्यवसाय, प्लास्टिक ले रहा जगह नई पीढ़ी नहीं सीख रही हुनर

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पन्ना lबांस से हस्तशिल्प द्वारा घरेलू उपयोग की चीज बनाने की कला प्राचीन काल से चली जा रही है बाल्मिक समाज के कुशल कारीगरों द्वारा घरेलू उपयोग की चीज जैसे सूपा, टोकनिया, डोलची, बिजना एवं अन्य सामान बनाए जाते हैं लेकिन आधुनिक युग में प्लास्टिक के आ जाने इसकी मांग घटती जा रही है इसलिए यह धंधा अब पिछलता जा रहा है बाजार में भी इन वस्तुओं की कीमत कम आकी जाती है इसलिए इन कारीगरों का जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है इसलिए उनकी अगली पीढ़ी अब इस धंधे की ओर नहीं जाना चाहती।

इन्होंने कहा…

शासन प्रशासन द्वारा इनकी आर्थिक मदद की जाए और बांस की बनी हुई चीजों के उपयोग के फायदे बताए जाएं तो निश्चित ही बाजार में उनकी मांग बढ़ जाएगी क्योंकि प्लास्टिक सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है और बांस से बनी चीजे प्राचीन काल से चली आ रही है यह सेहत के लिए फायदेमंद है और इसका रीसाइकलिंग भी संभव है और बांस किसी भी तरह प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचता है।

 – नत्थू बसोर स्थानीय कारीगर

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