यशभारत खास : जिले में बढ़ गए कुष्ठ रोगी, 109 से बढक़र 203 तक पहुंच गई मरीजों की संख्या, कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग आज से शुरू कर रहा अभियान

कटनी, यशभारत। जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। ये संख्या 109 से बढक़र 203 तक पहुंच गई है। पिछले दिनों किए गए सर्वे में कुष्ठ रोग से ग्रसित 94 मरीजों की खोज की गई है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जागरूकता अभियान चलाकर कुष्ठ रोग को जड़ से खत्म किया जाए, इसके लिए आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी से 13 फरवरी तक कुष्ठ रोगी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान जिले की सभी ब्लाकों के ग्राम पंचायतों और स्कूलों में चलाया जाएगा। विभाग से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि पिछले तीन वर्षों में 50 से अधिक रोगियों की स्क्रीनिंग की गई है और मरीजों को रोग मुक्त किया गया है। विगत वर्ष के दौरान 94 कुष्ठ रोगी खोजी गए हैं, जबकि जिले में 109 पंजीकृत कुष्ठ रोगी हैं।
25 घरों में दस्तक देगी टीम
गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी एस एस बघेल ने बताया कि कुछ रोगियों के बेहतर ईलाज के लिये सरकारी अस्पतालों में स्क्रीनिंग से लेकर जांच एवं दवा की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है, साथ ही कुष्ट रोगियों की खोजबीन कर उनका समुचित इलाज करने के लिये प्रत्येक साल यह अभियान चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक टीम हर दिन बीस से 25 घरों में दस्तक देगी और संदिग्ध मरीजों की खोजबीन करेगी। उन्होंने बताया कि अभियान की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है।
फील्ड वर्करों की मदद से स्क्रीनिंग
आज 30 जनवरी को गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्पर्श कुष्ठ उन्मूलन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान में फील्ड वर्करों की मदद से लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान के अंतर्गत सभी ग्रामों में ग्राम सभा का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में भी बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। कुष्ठ रोग संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ और चकत्तों के संपर्क में आने से फैलता है, इसलिए ऐसे व्यक्ति के लंबे समय तक संपर्क से बचना चाहिए। संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
कुष्ठ रोग दीर्घकालिक संक्रामक बीमारी
कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक संक्रामक बीमारी है, जो मैकोबैक्टेरियम लेप्रा, बैक्टीरिया से होती है। इस बीमारी से लडऩे मल्टीडग थेरेपी दी जाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा इस बीमारी के लिए जागरूकता फैलाने एवं उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के लगातार प्रयास, मुफ्त और निरंतर दवाई आपूर्ति के कारण जिले में कुष्ठ रोग पर कमी लाई गई है। विभाग का कहना है कि जिले को कुष्ठमुक्त बनाने के लिये हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
लक्षण
1. त्वचा पर हल्के या गहरे रंग के धब्बे।
2. त्वचा छूने पर सुन्न महसूस होना।
3. हाथए पैर या शरीर के अन्य हिस्सों की तंत्रिकाओं में क्षति।
4. हाथ या पैरों की मांसपेशियों में कमजोरी।
5. चेहरे, कानों या अन्य जगहों पर त्वचा का मोटा होना।
6. आंख बंद न कर पाना और दृष्टि दोष।
उपाय
भोजन से अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रख कुष्ठ रोग के खतरे को कम कर सकते हैं, इसी प्रकार जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है, ताकि समय पर निदान और इलाज किया जा सके।







