यशभारत खास खबर : हर तीसरे और पांचवे घर में ब्लडप्रेशर या शुगर का पेशेंट, 5 लाख लोगों की स्क्रीनिंग में मिले 87484 मरीज

( संजर खरे )
कटनी, यशभारत। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और मानसिक तनाव के कारण ब्लड प्रेशर हाइपरटेंशन और शुगर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। जिले में हुई एनसीडी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज स्क्रीनिंग में अब तक 49 हजार 251 लोग हाइपरटेंशन और 38 हजार 233 लोग शुगर से पीडि़त पाए गए हैं। जानकारी के अनुसार जिले में 2018 से अब तक 5 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 16 प्रतिशत लोगों में शुगर और 24 प्रतिशत बीपी की पुष्टि हुई। जिले में पहली बार एनसीडी स्क्रीनिंग के दौरान हजारों मरीजों में बीपी और शुगर की पुष्टि हुई। इसके बाद, करीब डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने दोबारा अपनी जांच करवाई, जिसमें फिर से इन बीमारियों की पुष्टि हुई। विभागीय अधिकारी कहते है कि ये आकंड़े हो रही जांचो में बढ़ते क्रम में है हालांकि विभाग के पास पिछले कोई आकंड़े नही है और अगर है भी तो वो उपलब्ध कराना बेहतर नहीं समझते। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि क्षेत्र भर में हाइपरटेंशन और शुगर जैसे रोगों का प्रकोप तेजी से से बढ़ रहा है। स्क्रीनिंग के परिणामों से यह स्पष्ट है कि इन बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओ से जुड़े अन्य विशेषज्ञों की मानें तो ये आंकड़े महज एक दिखवा हैं। जिले की हकीकत कुछ और है। जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं किसी से छिपी नहीं है।
अगर इन रोगों की गंभीरता से जांच की जाए तो आंकड़ों का प्रतिशत काफी बढ़ सकता है और नतीजे गंभीर हो सकते है, वहीं एक्सपर्ट कहते है कि ये आंकड़े तो मात्र सरकारी हैं। निजी क्लीनिकों में जांच करा रहे मरीजों के आंकड़े शायद इसमे शामिल न हो। पिछले कुछ सालों में शहरी परिवेश में ब्लडप्रेशर व शुगर की मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। शहर के एक वरिष्ठ व अनुभवी चिकित्सक का कहना है कि शहर में हर तीसरे और पांचवे घर में कोई न कोई ब्लडप्रेशर या शुगर का पेशेंट हैं। कदाचित यही हाल अब धीरे-धीरे ग्रामीण अंचलों का भी होता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन नहीं है और जब ग्रामीण अंचल से कोई मरीज जिला अस्पताल पहुंचता है तो उसे यहां भी बेहतर सेवाएं व जानकारी नहीं मिल पाती।
यही कारण है कि ग्रामीण तपके के लोग भी जानकारी के अभाव इन रोगों के शिकार हो रहे है और गांवों में इनकी संख्या बढ़ रही हैं। जब उनसे पूछा गया कि ये विभाग ये आंकड़े बता रहा है तो उनका साफ कहना था आंकड़ों की जादूगरी में सरकारी कर्मचारी अधिकारी माहिर है। कब कैसे आंकड़े फीड करना है उन्हें इसका बेहतर ज्ञान है।
शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीज
आंकड़ों के अनुसार मुड़वारा में सबसे ज्यादा हाइपरटेंशन और शुगर के मरीज पाए गए हैं। कटनी में 49251 से अधिक लोग हाइपरटेंशन से ग्रस्त हैं, वहीं 38233 से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीडि़त हैं। इसके विपरीत विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा में हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसी तरह, ढीमरखेड़ा और बड़वारा में शुगर के मरीज भी ज्यादा पाए गए हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में इन बीमारियों का प्रभाव ज्यादा है। अन्य क्षेत्रों में मरीजों की संख्या कम है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ अभिषेक शर्मा कहते हैं कि बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तंबाकू, शराब, फास्ट फूड और मानसिक तनाव के कारण हाइपरटेंशन और शुगर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। पहले ये बीमारियां 40 वर्ष की उम्र के बाद होती थीं, अब 18 साल के युवाओं में भी देखी जा रही हैं। इनसे बचने हल्की कसरत, रोजाना टहलना, योग और मेडिटेशन करना चाहिए। नमक और मीठा का सेवन कम करना चाहिए। तंबाकू, शराब और नशे से बचना चाहिए। सही समय पर भोजन व नाश्ता करना भी जरूरी है।
दो सौ से ज्यादा पुलिस कर्मी गंभीर रोग से पीडि़त, जांच में खुलासा
पिछले दिनों पुलिस लाइन में 205 पुलिस कर्मी और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया था। जिनमें ज्यादातर हाईटेंशन और बीपी के मरीज मिले थे। इन बीमारियों से निजात के लिए सभी को सुबह मॉर्निंग वॉक और योगा के लिए निर्देश जारी किए गए थे। गौरतलब है कि पुलिस कर्मी काम के बोझ तले तनाव में रहते है। यहां तक की वो ठीक से सोने तक का वक्त नहीं निकाल पाते। जिससे वे कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जांच करवाने एसपी, एएसपी, सीएसपी और बड़ी संख्या में थाना प्रभारी अपने अन्य पुलिसकर्मी सहित अपने परिवार के साथ पहुंचे थे। जहां खुद पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने अपनी जांच करवाई, जिसमे वह पूर्णत: स्वस्थ पाए गए थे।
इनका कहना है
अब तक हुए सर्वे में उच्च रक्तचाप के लगभग 50 हजार मरीज और डायबिटीज के लगभग 38 हजार मरीज सामने आ चुके हैं। इनके उपचार के लिए दवाएं देने की व्यवस्था बनाकर कार्यक्रम लागू किया गया है। तनावपूर्ण दिनचर्या और खानपान में अनियमितता इन दोनों रोगों का मुख्य कारण है।
-डॉ आर के के अठ्या
मुख्य चिकित्सा एवं स्वाथ्य अधिकारी
फैक्ट फाइल
विकासखण्ड बीपी शुगर
बड़वारा 9166 7498
बहोरीबंद 7127 6537
ढीमरखेड़ा 6845 4655
मुड़वारा 13706 10428
रीठी 6805 4416
विजयराघवगढ़ 5602 4699
कुल योग 49251 38233








