कटनीमध्य प्रदेश

यशभारत खास : कटनी में चार तरह की प्रजातियां, पहली बार मोबाइल एप से होगी गिद्धों की गिनती, चुनिंदा स्थानों पर जाकर वन विभाग के कर्मचारी करेंगे गणना, गिद्धों की फोटो खींचकर करेंगे ऐप में अपलोड

कटनी, यशभारत। कटनी जिले में एक बार फिर गिद्धों की गणना का काम शुरु होने जा रहा है। आगामी 20, 21 और 22 फरवरी को वन विभाग निर्धारित स्थानोंं पर गिद्धों की गिनती करेगा। इसके लिए वन विभाग ने पूरी तैयारियंा कर ली है। कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। खास बात ये है कि इस बार मोबाइल एप (ईपीआई कलेक्ट फाइव) की मदद से गिद्धों की गिनती की जाएगी। इस नई तकनीक से गिद्धों की गणना में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी। डिजिटल ऐप के इस्तेमाल से यह प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी। गौरतलब है कि गिद्ध हमारे पर्यावरण को साफ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मरे हुए जानवरों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं। वर्ष 1998-99 में गिद्धों की संख्या में तेजी से कमी आने के बाद इनके संरक्षण और गिनती का अभियान शुरू किया गया। एक रिसर्च से यह बात सामने आई कि घायल जानवरों को दर्द निवारक दवाएं दी जाती है और कईयों बार जानवरों की मौत भी हो जाती है और इन्हीं मरे हुए जानवरों को खाने के बाद इन दवाओं का असर गिद्ध पर होता है, जिससे गिद्ध की बड़ी तादात में मौतों की घटनाएं सामने आई। जिसके बाद केन्द्र सरकार ने जानवरों पर इन दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी और गिद्धों की गणना का अभियान शुरू किया। बताया जाता है कि पिछले साल भी गिद्धों की गणना का काम शुरू किया गया था। पूरे प्रदेश में 12 हजार 981 गिद्ध पाए गए थे। साल में दो बार ठंड और गर्मी के समय भारत के दो राज्यों गुजरात और मध्यप्रदेश गिद्धों की गिनती की जाती है। ये प्रदेशव्यापी शीतकालीन गिद्ध गणना साल 2025-26 के लिए आयोजित की जा रही है।
कटनी में चार तरह के गिद्ध
वन संरक्षक गर्वित गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि कटनी जिले में चार तरह के गिद्ध पाए जाते हैं। भारतीय गिद्ध (लॉन्ग बिल्ड वल्चर) सफेद पूंछ वाला गिद्ध (व्हाइट बेक्ड वल्चर) राज गिद्ध (रेड हेडेड वल्चर) और इजिप्शियन वल्चर। वन विभाग का मानना है कि इस बार भी चारों प्रजातियों के गिद्धों के दिखने की उम्मीद है। वैसे तो अन्य कई प्रजातियों के गिद्ध पाए जाते हैं लेकिन कटनी जिले में अन्य प्रजातियों के गिद्ध मिलने की संभावना कम ही है।
मोबाइल ऐप आधारित गणना का प्रशिक्षण
गिद्धों की गणना के लिए कटनी वन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल ऐप आधारित गणना का प्रशिक्षण कुछ दिन पहले जबलपुर में दिया जा चुका है और अब यह पूरा काम डिजिटल तरीके से होगा। गिद्धों की गिनती के लिए कटनी जिले के चुनिंदा स्थानों का चयन किया गया है, जहां वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर गिद्धों की गिनती का काम करेंगे।
कर्मचारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
एक जानकारी में यह भी बताया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने वन कर्मचारियों को ऐप के संचालन, डेटा अपलोड करने और फोटो के माध्यम से डेटा को अपलोट करने की जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि गणना के समय कर्मचारी मौके पर ही गिद्धों की फोटो खींचकर ऐप में जरूरी जानकारी भरेंगे। इससे काम में और भी ज्यादा पारदर्शिता आएगी और समय भी बचेगा।
इनका कहना है
कटनी जिले में 20, 21 और 22 फरवरी को गिद्धों की गिनती का काम शुरू होने जा रहा है। विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है। कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। कटनी जिले में गिद्धों की चार तरह की प्रजातियां पाई जाती है। जिनकी गणना की जाएगी।
-गर्वित गंगवार, वन मंडलाधिकारी कटनी 05 12

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