मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस बोली "गांधी" नहीं, गरीबों का हक मिटाने की साजिश

कटनी। यशभारत- केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ बड़ी संख्या कांग्रेस जनो ने कलेक्ट्रेट पहुँच कर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौपते जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में भाजपा सरकार की नीतियों पर सीधा हमला बोला गया कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब, किसान और मजदूर विरोधी कदम बताया।
इस दौरान शहर अध्यक्ष एडवोकेटअमित शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नाम – बदलकर गांधी जी की विचारधारा और गरीबों के अधिकार दोनों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से गांधी जी लोगों के दिलों से नहीं निकलेंगे बल्कि इससे भाजपा की गरीब विरोधी सोच उजागर होती है।
ग्रामीण अध्यक्ष पूर्व विधायक सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा मजदूरों के लिए जीवन रेखा थी मनमोहन सिंह सरकार ने 15 दिन में भुगतान का कानूनी अधिकार दिया था, लेकिन भाजपा शासन में मजदूरों को महीनों भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है पिछले तीन वर्षों से कई क्षेत्रों में भुगतान लंबित है, जो सीधे तौर पर मजदूरों की रोजी-रोटी पर हमला है।
प्रदेश के यूथ नेता अंशु मिश्रा ने कहा पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब नई योजना में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर भार डाला जा रहा है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रांधेलिया ने कहा मनरेगा
योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश की जा रही है।
पूर्व महिला अध्यक्ष रजनी वर्मा ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान जब लाखों मजदूर शहरों से गांव लौटे थे, तब मनरेगा ने ही उन्हें काम और सम्मान दिया।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। जरूरत पड़ी तो किसान और मजदूरों के हक में जेल भरो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान बरिस्ट नेता राजा जगवानी,ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ,राजेश जाटव, अजय जैसवानी, सहित सेवादल एनएसयुआई महिला कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जनो की मौजूदगी रही।







