मंडला l पेयजल संकट गहराता जा रहा है। मोहनिया-पटपरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंडला-डिंडोरी मार्ग पर प्रदर्शन किया। उन्होंने एनएच 543 पर बर्तन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान रोड पर करीब 1-1 किमी का जाम लगा था। मौके पर मंडला कोतवाली और पोंडी चौकी से करीब 30-35 का पुलिस बल मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने पीएचई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा।
ग्रामीणों का कहना है कि वे एक साल से पानी की समस्या झेल रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से मदद मांगी लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिला। ग्रामीणों की एक अन्य प्रमुख मांग स्थानीय अस्पताल में डॉक्टर की नियुक्ति है। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री के खिलाफ भी विरोध जताया। जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम सोनल सिडाम, एसडीओपी पियूष मिश्रा, सीएमएचओ, पीएचई अधिकारी मनोज भास्कर सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। सात दिन में समस्या समाधान का आश्वासन दिया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने करीब 4 घंटे चला प्रदर्शन समाप्त किया। पूर्व सरपंच जगदीश कुर्राम ने बताया कि हाईवे निर्माण कार्य की वजह से करीब 1300 मीटर पाइप लाइन ध्वस्त हो गई है। जिसकी वजह से करीब 1 साल से नलजल योजना बंद पड़ी है। हमारे ओर से मंत्री संपतिया उइके, जिला प्रशासन, पीएचई को पत्र दिया गया लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। जून माह में भी प्रदर्शन किया गया था तब तहसीलदार ने तीन दिन में समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन तीन माह बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। साथ ही बताया कि हमारे यहां सवा छह करोड़ का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बना हुआ है लेकिन यहां डॉक्टरों की स्थायी व्यवस्था नहीं है। एक-दो घंटे की लिए आते हैं। इसके लिए भी सीएमएचओ, कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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